बड़े ब्रांड्स के नाम पर धोखा! एक्सपायरी बदलकर चिपकाए गए फर्जी लेबल के ख़िलाफ़ कार्रवाई

महाराष्ट्र में FDA यानी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की कार्रवाई लगातार चल रही है। इसमें सामने आ रहा है कि भारत में हाईजीन और खाने-पीने की चीजों को लेकर किस तरह लापरवाही बरती जा रही है। इस कार्रवाई के बाद कनाडा भी सतर्क हो गया है। कनाडाई फूड एजेंसी यानी CFIA अब भारत से कनाडा […] The post बड़े ब्रांड्स के नाम पर खेल! एक्सपायरी बदलकर चिपकाए फर्जी लेबल appeared first on Khabar Sansar News.

Sep 3, 2026 - 18:53
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बड़े ब्रांड्स के नाम पर धोखा! एक्सपायरी बदलकर चिपकाए गए फर्जी लेबल के ख़िलाफ़ कार्रवाई

बड़े ब्रांड्स के नाम पर धोखा! एक्सपायरी बदलकर चिपकाए गए फर्जी लेबल के ख़िलाफ़ कार्रवाई

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कम शब्दों में कहें तो, महाराष्ट्र में FDA की कार्रवाई के तहत कई बड़े ब्रांड्स के खाद्य उत्पादों पर लगाकर फर्जी लेबल चिपकाने के मामले सामने आए हैं। ये हरकतें न केवल भारतीय उपभोक्ताओं के लिए खतरनाक हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय उत्पादों की छवि को धूमिल कर रही हैं।

हाल ही में महाराष्ट्र के तुर्भे में FDA (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) द्वारा की गई कार्रवाई ने यह दिखाया है कि कैसे खाद्य सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इसमें बड़े ब्रांड्स के उत्पादों में पूर्व निर्धारित एक्सपायरी डेट को बदलकर नए लेबल चिपकाने का जाल सामने आया है। कनाडा ने इस मामले के बाद सतर्कता बरतनी शुरु कर दी है और कनाडाई फूड एजेंसी (CFIA) भारत से आयातित माल की जांच कर रही है।

निरीक्षण में क्या आया सामने?

CFIA ने हाल ही में कहा कि उसके पास फिलहाल ऐसे ठोस सबूत नहीं हैं जिससे यह प्रमाणित हो सके कि फर्जी लेबल वाले उत्पाद कनाडा में पहुँच रहे हैं। फिर भी, एजेंसी ने ऐहतियात बरतते हुए स्थिति पर गहन नजर रखने का निर्णय लिया है। मनमाने तरीके से लेबल बदलने के कारण खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और इसके अनुरूप कोई कड़ा कदम उठाना बहुत आवश्यक है।

सामने आने पर होगी कड़ी कार्रवाई

CFIA ने स्पष्ट किया है कि यदि फर्जी उत्पादों के बारे में कोई ठोस जानकारी मिलती है तो वह सख्त कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगी। खाद्य धोखाधड़ी, मानक से भिन्न एक्सपायरी डेट और गलत न्यूट्रिशन लेबल लगाने को लेकर CFIA कुश्ती से पेश आ रही है।

महाराष्ट्र में FDA की कार्रवाई का असर

महाराष्ट्र में FDA ने तुर्भे में छापे के दौरान लगभग 80,000 डॉलर (करीब 75,60000 रुपये) मूल्यों के सामान, रासायनिक पदार्थ और प्रिंटिंग मशीनें पकड़ी हैं। यह उपकरण बड़े ब्रांड्स जैसे पेप्सिको, नेस्ले, कोका-कोला और यूनिलीवर के उत्पादों पर नई तिथियों और न्यूट्रिशनल जानकारी को चिपकाने में उपयोग किए जाते थे। यह न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि इसे गंभीर अपराध माना जा सकता है।

10 प्वाइंट में पूरी खबर

  • महाराष्ट्र में FDA की कार्रवाई लगातार जारी है।
  • खाने-पीने की चीजों से जुड़ी गंभीर लापरवाही सामने आई है।
  • कनाडा इस मामले को लेकर बहुत सतर्क हो गया है।
  • CFIA भारत से आयातित माल की जांच कर रही है।
  • जांच का मुख्य उद्देश्य फर्जी लेबल लगाकर बेचे जा रहे उत्पादों को रोका जाना है।
  • CFIA को फिलहाल कनाडा में ऐसे अवैध उत्पादों की पहुंच का कोई सूचना नहीं है।
  • एजेंसी खाद्य धोखाधड़ी और गलत एक्सपायरी डेट को बड़े पैमाने पर गंभीरता के साथ देखती है।
  • गलत न्यूट्रिशन लेबल और मूल स्थान के झूठे दावों पर नजर रखी जा रही है।
  • तुर्भे में FDA ने जो छापेमारी की थी, उसमें कई संदिग्ध रासायनिक वस्तुओं और मशीनों को जब्त किया गया।
  • इनका उपयोग बड़े ब्रांड्स के उत्पादों की तिथि और न्यूट्रिशनल जानकारी को परिवर्तित करने के लिए किया जा रहा था।

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें.

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संपादकीय टिप्पणी: इस मामले के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती बरतने की आवश्यकता है। उपभोक्ताओं का स्वास्थ्य और सुरक्षा हर स्थिति में प्राप्त की जानी चाहिए। हम सभी को खाद्य उत्पादों के लेबलिंग और एक्सपायरी डेट के बारे में जागरूक रहना चाहिए ताकि स्वस्थ जीवनशैली को बनाए रखा जा सके।

टीम PWC News - सृष्टि शर्मा

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