यूनाइटेड किंगडम का एआई 'किल स्विच' प्रस्ताव: क्या बेकाबू एआई को रोकने का है सही समाधान?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर अब केवल टेक कंपनियां और रिसर्च संस्थान ही नहीं, बल्कि सरकारें भी गंभीर होती जा रही हैं। यूनाइटेड किंगडम में अब AI के लिए ‘किल स्विच’ की मांग तेज हो गई है। कुछ सांसदों का मानना है कि अगर भविष्य में AI सिस्टम बेकाबू हो जाएं, तो सरकार के […] The post एआई हुआ बेकाबू तो तुरंत होगा Shutdown! इस देश ने बनाया खास प्लान appeared first on Khabar Sansar News.
यूनाइटेड किंगडम का एआई 'किल स्विच' प्रस्ताव: क्या बेकाबू एआई को रोकने का है सही समाधान?
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कम शब्दों में कहें तो, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती शक्ति के चलते अब केवल टेक कंपनियां ही नहीं, बल्कि कई सरकारें भी इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही हैं। यूनाइटेड किंगडम के सांसदों ने 'किल स्विच' की मांग उठाई है, ताकि किसी भी स्थिति में एआई को नियंत्रित किया जा सके।
सरकार के सामने रखा गया नया प्रस्ताव
यूनाइटेड किंगडम की लेबर पार्टी के सांसद Alex Sobel ने 11 अन्य सांसदों के साथ मिलकर एआई के लिए एक विशेष प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में सरकार से यह मांग की गई है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में देश के टेक्नोलॉजी सेक्रेटरी को एआई सिस्टम और डेटा सेंटर को बंद करने का अधिकार मिले।
प्रस्ताव में यह सुझाव दिया गया है कि यदि किसी विकसित एआई सिस्टम से मानव जीवन, राष्ट्रीय सुरक्षा या आधारभूत संरचना को खतरा महसूस होता है, तो सरकार तुरंत कार्रवाई कर सके। इसके अंतर्गत कंपनियों को ऐसे मैकेनिज्म विकसित करने होंगे, जिससे सरकारी आदेश मिलने पर डेटा सेंटर और एआई मॉडल को तेजी से बंद किया जा सके।
कंपनियों को बनाना होगा सुरक्षा प्रणाली
यदि यह प्रस्ताव बाबजूद मंत्रीमंडल की मंजूरी हासिल करता है, तो एआई कंपनियों के लिए नए सुरक्षा नियम लागू हो सकते हैं। टेक कंपनियों को सरकार के साथ सुरक्षित संचार चैनल बनाने होंगे, ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में त्वरित एक्शन लिया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से विकसित हो रही एआई तकनीक के साथ सुरक्षा उपायों को मजबूत करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
डोनाल्ड ट्रंप की चिंता
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एआई के खतरों के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि एआई तकनीक पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए 'किल स्विच' जैसा प्रावधान आवश्यक हो सकता है। उनके अनुसार, यदि एआई के विकास पर उचित निगरानी नहीं रखी गई, तो यह मानवता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
एआई के प्रति बढ़ती चिंताओं का कारण?
हाल के महीनों में एआई सिस्टमों में अत्यधिक वृद्धि और जटिलता आई है। AI कंपनियां ऐसे मॉडल विकसित कर रही हैं जो जटिल डिजिटल उपकरणों पर नियन्त्रण रख सकते हैं। हाल ही में Anthropic ने अपना नया एआई मॉडल Claude Mythos पेश किया था, जो कई प्रकार के सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम को हैक करने की क्षमता रखता है। इसी कारणवश इसे सार्वजनिक नहीं किया गया।
वहीं OpenAI ने भी एक नया उन्नत एआई मॉडल लांच किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के शक्तिशाली एआई सिस्टम गलत हाथों में पड़े, तो यह साइबर सुरक्षा और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
AI Regulation पर वैश्विक बहस
दुनिया के अनेक देशों में अब एआई नियमों और सुरक्षा कानूनों को लेकर चर्चा में तेजी आई है। सरकारों का लक्ष्य है कि एआई तकनीक का उपयोग सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से किया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े खतरे से बचा जा सके।
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लेख समाप्त, रिपोर्टिंग द्वारा सौरभ कुमारी, Team PWC News
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