देहरादून में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर महिलाओं का प्रदर्शन, सियासत में इजाफा
विषय: नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वाले विपक्ष के खिलाफ डीएवी कॉलेज चौक पर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन देहरादून, 22 अप्रैल 2026 — संसद में विपक्षी सांसदों द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का समर्थन न किए जाने के तीव्र विरोध में आज डीएवी महाविद्यालय की छात्राओं एवं महिलाओं ने डीएवी कॉलेज चौक पर […] The post नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासत तेज, देहरादून में महिलाओं का जोरदार प्रदर्शन appeared first on Uttarakhand News Update.
देहरादून में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर महिलाओं का जोरदार प्रदर्शन
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में महिलाओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।
इस विषय में: आज, 22 अप्रैल 2026, को डीएवी कॉलेज चौक पर डीएवी महाविद्यालय की छात्राओं और महिलाओं ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का समर्थन नहीं करने के लिए संसद में विपक्षी सांसदों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। यह प्रदर्शन वर्तमान राजनीति में महिलाओं की भूमिका को स्पष्ट करता है देखने को मिलता है।
महिलाओं का प्रदर्शन और संघर्ष
प्रदर्शन में सैकड़ों मातृशक्ति और बहनें इकट्ठा हुईं, जिन्होंने न केवल कांग्रेस पार्टी बल्कि उसके नेता राहुल गांधी के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी का पुतला जलाकर अपने गुस्से का इज़हार किया। यह नारा उनके गुस्से का प्रतीक बना:
“नारी सम्मान का जो करेगा विरोध, जनता देगी उसको करारा जवाब।”
कांग्रेस पार्टी पर आरोप
प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है कि वह हमेशा से महिलाओं के मुद्दों के प्रति उदासीन रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को गुमराह करने का कार्य किया है, जिससे उनकी नीयत स्पष्ट होती है। इस प्रकार, महिलाओं ने समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की ठानी है।
प्रमुख नेता और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति
इसको लेकर एमकेपी कॉलेज की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष साक्षी शंकर, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष प्रगति रावत, और पार्षद वंशिका सोनकर समेत कई प्रमुख महिलाएं प्रदर्शन में शामिल थीं। इस प्रकार, आज का आयोजन महिलाओं के अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए एक मजबूत आवाज़ बना।
शांतिपूर्ण विरोध और संकल्प
यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, और अंत में सभी महिलाओं ने एकजुट होकर नारी सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष का संकल्प लिया।
इस प्रदर्शन ने ना केवल महिलाओं के अधिकारों पर जोर दिया है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि सामाजिक मुद्दों पर महिलाओं की आवाज़ को अनसुना नहीं किया जा सकता। इस मौके पर सभी महिलाओं ने मिलकर एक नई चेतना का आह्वान किया।
इस प्रकार, यह आंदोलन नारी शक्ति के प्रति एक नई उत्साह को जन्म देता है। अगर आप इस विषय में और जानकारी चाहते हैं, तो यहां क्लिक करें।
टाइम के अनुसार, नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर ये घटनाक्रम भविष्य में सियासी मामलों पर गहरी छाप छोड़ेगा।
Team PWC News
*लेखिका: सुमन कौल*
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