यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज मांगने वाले दुकानदारों के खिलाफ शिकायत दर्ज कैसे करें?

यूपीआई भारत में भुगतान करने के सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों में से एक बन चुका है। डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार और नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने कुछ नियम बनाए हैं। ऐसे में अगर कोई दुकानदार यूपीआई से भुगतान करने पर अतिरिक्त राशि मांगता है, तो […] The post यूपीआई पेमेंट पर एक्स्ट्रा चार्ज मांगे दुकानदार तो कहां करें शिकायत? appeared first on Khabar Sansar News.

Sep 17, 2026 - 18:53
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यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज मांगने वाले दुकानदारों के खिलाफ शिकायत दर्ज कैसे करें?

यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज मांगने वाले दुकानदारों के खिलाफ शिकायत दर्ज कैसे करें?

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कम शब्दों में कहें तो यूपीआई का उपयोग करने पर दुकानदार यदि अतिरिक्त चार्ज मांगता है तो ग्राहको को अपनी आवाज उठाने का हक है। सरकार और नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने नियम तय किए हैं ताकि डिजिटल ट्रांजैक्शन को सुगम बनाया जा सके। आइए जानते हैं कि इस स्थिति में ग्राहकों को क्या करना चाहिए।

यूपीआई भुगतान पर दुकानदार यदि अतिरिक्त चार्ज मांगता है तो क्या करें?

डिजिटल भुगतान प्रणाली, खासकर यूपीआई, भारत में एक आम बात बन चुकी है। इसका उपयोग करते समय यदि कोई दुकानदार आपसे अतिरिक्त राशि मांगता है तो आपको यह जान लेना चाहिए कि इसके लिए उसे अनुमति नहीं है। आवेदन में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शामिल है, जिसे मर्चेंट को अपने बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को चुकाना होता है। उदाहरण के लिए, ₹2000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर केवल 0.4% का MDR लागू हो सकता है।

अगर किसी दुकानदार ने ₹500 की एक वस्तु का मूल्य ₹550 बताया और आरोप लगाया कि यह यूपीआई चार्ज है, तो आपको यह बताना चाहिए कि आप डिजिटल पेमेंट के लिए किसी भी अतिरिक्त राशि का भुगतान नहीं करना चाहते।

शिकायत दर्ज करने के उपाय

यदि दुकानदार यूपीआई से भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज मांगता है, तो ग्राहक एनपीसीआई के शिकायत सिस्टम का प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें एनपीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जा कर संबंधित शिकायत विकल्प का चयन करना होगा। वहाँ उन्हें 'पर्सन टू मर्चेंट' की श्रेणी का चयन कर अपनी समस्या दर्ज करनी होगी।

शिकायत दर्ज करते समय ग्राहक को मर्चेंट की जानकारी, ट्रांजैक्शन की रसीद, बिल, और स्क्रीनशॉट संलग्न करना चाहिए। इससे समस्या का समाधान जल्दी हो सकता है।

यूपीआई ऐप और बैंक से संपर्क

गूगल पे, फोन पे और पेटीएम जैसे ऐप्स में ग्राहक सहायता के लिए विकल्प होते हैं। यदि आपको किसी ट्रांजैक्शन से संबंधित समस्या है, तो आप इन ऐप्स में सहायता या विवाद (Dispute) विकल्प की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा आप अपने बैंक की कस्टमर केयर सेवा से भी संपर्क कर सकते हैं।

बैंक की कस्टमर सेवा आपको उचित तरीके से शिकायत या विवाद प्रक्रिया के बारे में बताने में सहायता करेगी। इस प्रक्रिया में ट्रांजैक्शन की ID, तारीख, राशि और मर्चेंट की जानकारी आवश्यक है।

बिल में अतिरिक्त राशि जोड़े जाने पर क्या करें?

यदि दुकानदार आपकी खरीदारी के बिल में जबरदस्ती अतिरिक्त राशि जोड़ता है तो आप इसकी शिकायत नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर कर सकते हैं। आप 1915 पर कॉल करके या ऑनलाइन शिकायत प्रक्रिया के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

10 जरूरी बातें

  • यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त राशि की मांग नहीं की जा सकती है।
  • आप अतिरिक्त चार्ज देने से इनकार कर सकते हैं।
  • आप भुगतान पूरा न करने का विकल्प चुन सकते हैं।
  • जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट करें।
  • एनपीसीआई के शिकायत सिस्टम का इस्तेमाल करें।
  • मर्चेंट ट्रांजैक्शन में पर्सन टू मर्चेंट कैटेगरी को चुनें।
  • पेमेंट की रसीद और बिल संभालकर रखें।
  • ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
  • यूपीआई ऐप के हेल्प या डिस्प्यूट विकल्प का इस्तेमाल करें।
  • 1915 पर नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।

इन सभी बातों का ध्यान रखकर ग्राहक अपनी समस्याओं का समाधान आसानी से कर सकते हैं। अगर आपके पास और जानकारी चाहिए तो यहाँ क्लिक करें।

टीम PWC न्यूज (शीतल शर्मा)

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