राज्य की चीनी मिलों के लिए ₹270.28 करोड़ की शासकीय गारंटी का मंजूरी - पेराई सत्र 2025-26!
मंत्रिमंडल के निर्णय दिनांक 15 जनवरी 2026 1. पेराई सत्र 2025-26 हेतु प्रदेश की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों को बैंको से ऋण लिये जाने हेतु शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया। पेराई सत्र 2025-26 हेतु भी राज्य सरकार द्वारा राज्य की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों […] The post पेराई सत्र 2025-26 के लिए राज्य की चीनी मिलों को ₹270.28 करोड़ की शासकीय गारंटी मंजूर appeared first on Uttarakhand News Update.
राज्य की चीनी मिलों के लिए ₹270.28 करोड़ की शासकीय गारंटी का मंजूरी - पेराई सत्र 2025-26!
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मंत्रिमंडल ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए राज्य की सहकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों को ₹270.28 करोड़ की शासकीय गारंटी प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय का उद्देश्य गन्ने की खरीद के लिए मिलों को बैंक से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाना है।
मंत्रिमंडल का निर्णय
दिनांक 15 जनवरी 2026 को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में, राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं जिनमें चीनी मिलों के लिए शासकीय गारंटी का अनुमोदन प्रमुख है। प्रदेश की चीनी मिलों, जैसे कि डोईवाला, किच्छा, नादेही और बाजपुर के लिए इस आर्थिक सहायता से गन्ने की खरीद में सहूलियत होगी।
गन्ने के मूल्य निर्धारण में सहमति
मंत्रिमंडल ने गन्ने की खरीद के लिए राज्य परामर्शित मूल्य और गन्ना विकास अंशदान (कमीशन) की दर को भी निर्धारित किया। अगेती प्रजातियों के लिए ₹405 प्रति कुंतल और सामान्य प्रजातियों के लिए ₹395 प्रति कुंतल मूल्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही, गन्ने के परिवहन पर होने वाली कटौती को भी ₹11 प्रति कुंतल रखा गया है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
मंत्रिमंडल ने कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए हैं, जिसमें उत्तराखंड निर्वाचन विभाग के निजी सचिव संवर्ग की सेवा नियमावली को अनुमोदित करना, तथा उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम बदलकर “उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम्” रखने का भी निर्णय शामिल है।
एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी है कि बागवानी मिशन योजनान्तर्गत एन्टीहेल नेट योजना पर राज्यांश के रूप में 25 प्रतिशत अतिरिक्त राज सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे बागवानी के क्षेत्र में और अधिक विकास हो सकेगा।
समाज में सकारात्मक प्रभाव
इस प्रकार के निर्णयों से न केवल चीनी मिलों को उधार लेने में सहुलियत मिलेगी, बल्कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कृषि क्षेत्र में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने से किसानों को भी सकारात्मक सिग्नल मिलेगा।
सरकार की ये पहलें निश्चित रूप से किसानों और चीनी मिलों के बीच एक स्वस्थ संबंध स्थापित करने का प्रयास हैं। आने वाले पेराई सत्र में संभावित वृद्धि के चलते प्रदेश में आर्थिक स्थिरता का संचार होगा।
इस तरह की योजनाओं के अंतर्गत, राज्य सरकार भी तैयार है कि वो किसानों के हितों की रक्षा करें और कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करें।
निष्कर्ष
अंत में, यह स्पष्ट है कि उत्तराखंड सरकार द्वारा की गई यह पहल राज्य की चीनी मिलों के लिए विकास के द्वार खोलने का कार्य करेगी। किसानों और मिलों के आस-पास एक सकारात्मक माहौल तैयार करने से भी कृषि में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
फिर से एक बार, यह निर्णय राज्य की अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करेगा, जिसे सभी वर्गों में सराहा जाएगा।
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Team PWC News
स्मिता रावत
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