लालकुआं: एनयूजेआई का खिचड़ी भोग श्रद्धा का मेला
माघ माह सेवा ,त्याग और तपस्या का प्रतीक: संजय तलवार लालकुआं (जीवन गोस्वामी)। पवित्र माघ माह की पुण्य बेला में…
लालकुआं: एनयूजेआई का खिचड़ी भोग श्रद्धा का मेला
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कम शब्दों में कहें तो, माघ माह के इस पवित्र समय में, एनयूजेआई की लालकुआं इकाई ने भक्ति और सेवा का अद्भुत उदाहरण पेश किया।
पवित्र माघ माह, जो सेवा, त्याग और तपस्या का प्रतीक है, में नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया (एनयूजेआई) की लालकुआं इकाई द्वारा आयोजित खिचड़ी भोग कार्यक्रम ने नगर को भक्ति, सेवा और सौहार्द के रंग में रंग दिया। इस आयोजन ने न केवल स्थानीय समुदाय को एकजुट किया, बल्कि सभी के दिलों में श्रद्धा और समर्पण की भावना को भी बढ़ाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश संरक्षक संजय तलवार, प्रदेश सचिव प्रमोद बमेटा, और इकाई अध्यक्ष मुकेश कुमार द्वारा पीपलेश्वर मंदिर में की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे, जिन्होंने खिचड़ी भोग का आनंद लिया और धर्म की इस अनूठी प्रस्तुति का हिस्सा बने।
इस आयोजन का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट करना था, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश फैलाना भी था। त्योहारों के समय, जब लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशियाँ मनाते हैं, ऐसे में यह कार्यक्रम समाज में सामंजस्य को मजबूत करने में सहायक सिद्ध हुआ।
समुदाय का सहयोग
कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। खिचड़ी भोग में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और इस सेवा कार्य के प्रति अपनी भक्ति और समर्पण प्रकट किया। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक था, बल्कि मानवता के प्रति सेवा भाव का प्रतीक भी था।
सीख और संदेश
इस प्रकार के आयोजन हमें यह सिखाते हैं कि एकता में बल है। जब हम मिलकर समाज में भलाई के लिए कार्य करते हैं, तो हम न केवल अपने धार्मिक आस्थाओं को मजबूत करते हैं बल्कि समाज को एकजुट करने का भी कार्य करते हैं। ऐसे अवसर हमें याद दिलाते हैं कि किसी भी त्योहार का असली सार यही है कि हम अपने विचारों और भावनाओं को साझा करें और दूसरों की मदद करें।
इस खिचड़ी भोग कार्यक्रम ने स्थानीय लोगों के दिलों में एक नई ऊर्जा का संचार किया। एनयूजेआई के सदस्यों ने दिखाया कि कैसे छोटे-छोटे कदम और प्रयास समुदाय को एक बड़ी प्रेरणा दे सकते हैं।
निष्कर्ष
आखिरकार, माघ माह की यह सेवा और त्याग का पर्व हमें दया, प्रेम और सहिष्णुता की महत्वता सिखाता है। ऐसी गतिविधियाँ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए आवश्यक हैं।
इस तरह के आयोजनों को और बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि हम एक स्वस्थ और समर्पित समाज की नींव रख सकें। प्यार और एकता के इस संचार का हर एक पल मूल्यवान है।
सभी को इस आयोजन की याद दिलाते हुए, हम उम्मीद करते हैं कि अपनी भक्ति और सेवा के इस अभ्यास को व्यक्ति और समाज, दोनों ही आगे बढ़ाते रहें।
सर्व के लिए प्रेम और सेवा का दान आज और हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा!
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शुभकामनाएँ,
Team PWC News - सुषमा शर्मा
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