लालकुआं में श्रीमद्भागवत कथा का समापन, रविशंकर जी महाराज की भक्ति और धर्म का संदेश

श्रीमद्भागवत कथा में रविशंकर जी महाराज ने भक्ति, सत्य, सेवा और सदाचार का दिया संदेश, 3 अक्टूबर को पूर्णाहुति के…

Oct 3, 2026 - 00:53
 47  7.8k
लालकुआं में श्रीमद्भागवत कथा का समापन, रविशंकर जी महाराज की भक्ति और धर्म का संदेश

लालकुआं में श्रीमद्भागवत कथा का समापन, रविशंकर जी महाराज की भक्ति और धर्म का संदेश

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News

कम शब्दों में कहें तो, श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन रविशंकर जी महाराज ने भक्ति, सत्य, सेवा और सदाचार का महत्वपूर्ण संदेश दिया। 3 अक्टूबर को पूर्णाहुति के साथ भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

राजीव नगर बंगाली कॉलोनी स्थित श्री श्री काली मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन कथा व्यास पूज्य श्री रविशंकर जी महाराज (श्री वृंदावन धाम) ने श्रद्धालुओं से भक्ति और धर्म का महत्व बताते हुए कहा कि सेवा और सदाचार ही जीवन का असली आधार हैं। उन्होंने बताया कि भक्ति का मार्ग ही मनुष्य को सच्चाई और सफलता की ओर ले जाता है।

भक्ति का महत्व

रविशंकर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि भक्ति केवल पूजा अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी जीवनशैली है जो हमें अपने समाज और परिवार के प्रति जिम्मेदार बनाती है। उन्होंने बताया कि जब हम अपने हृदय से सत्य की खोज करते हैं, तो हमें जीवन में सुख और शांति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा, "श्रद्धा और भक्ति से भरा मन ही भगवान के करीब जा सकता है।"

सच्चाई, सेवा और सदाचार

महराज ने अपने श्रोताओं को यह भी बताया कि सच्चाई, सेवा और सदाचार का पालन करना जीवन में बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि हम दूसरों की भलाई के लिए कार्य करते हैं, तो हम अपने जीवन को महान बना सकते हैं। इस प्रकार की सोच व्यक्ति को न केवल आध्यात्मिक बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाती है।

भंडारे की तैयारी

कथा के समाप्त होने के बाद 3 अक्टूबर को पूर्णाहुति के अवसर पर भंडारे का आयोजन होगा। इस भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के भाग लेने की उम्मीद है। आयोजन से जुड़े आयोजकों ने बताया कि सभी लोगों को आमंत्रित किया गया है और यह भंडारा सभी के लिए खुला रहेगा।

इस भंडारे को लेकर स्थानीय निवासियों में एक खास उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों ने कहा कि इस भंडारे के माध्यम से वे सभी लोगों के बीच प्रेम और एकता का संदेश फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।

निष्कर्ष

इस कथा का आयोजन न केवल धार्मिक आधार पर महत्वपूर्ण था, बल्कि सामाजिक एकता और प्रेम को भी बढ़ावा देता है। श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर भक्ति, विश्वास और सेवा की भावना को बढ़ाने का संकल्प लिया। इस तरह की आयोजन से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास होता है।

अधिक जानकारी के लिए, हमारी वेबसाइट PWC News पर जाएं।

यह खबर संपादित की है सुमन शर्मा द्वारा, Team PWC News.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow