हल्द्वानी: मानवता को शर्मसार करने वाली घटना, SSP नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी बने फरिश्ता
2 घंटे इलाज का बनाया 80 हजार रुपए का बिल शव देने से किया इनकार शिकायत मिलने पर एसएसपी नैनीताल डॉ मंजूनाथ टीसी ने लिया Source
हल्द्वानी: मानवता को शर्मसार करने वाली घटना, SSP नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी बने फरिश्ता
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कम शब्दों में कहें तो, हल्द्वानी के एक अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना पेश आई है। जहाँ अस्पताल प्रबंधन ने मात्र 2 घंटे के इलाज के लिए 80 हजार रुपए का बिल बनाकर शव देने से इनकार किया। इस घटनाक्रम पर एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पीड़ित की मदद की।
घटना का विवरण
हल्द्वानी के एक अस्पताल में एक मरीज का इलाज हुआ जिसके लिए अस्पताल ने 2 घंटे में 80 हजार रुपए का बिल बना दिया। यह बिल मरीज के परिजनों के लिए एक बड़ा झटका था, जो इस संकट की घड़ी में आर्थिक रूप से भी टूट चुके थे। जब अस्पताल ने शव देने से मना कर दिया, तो परिजनों ने एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी से सहायता की गुहार लगाई।
डॉ. मंजूनाथ टीसी का हस्तक्षेप
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से बात की और पीड़ित परिवार की सहायता के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए। उनकी तत्परता और मानवता की भावना ने न केवल पीड़ित परिवार को राहत पहुंचाई, बल्कि अन्य लोगों को भी प्रेरित किया।
क्या कहता है अस्पताल प्रबंधन?
अस्पताल प्रबंधन ने अपने बचाव में कहा कि इलाज की लागत उच्चतम स्तर पर थी और ऐसे मामलों में बिल बनाना आवश्यक था। हालांकि, कई स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई की निंदा की और इसे मानवता के खिलाफ एक अपराध माना।
समाज में संवेदना का संचार
इस घटना ने समाज में संवेदनशीलता की बात की है। कई स्थानीय संगठनों और नागरिकों ने मिलकर इस मुद्दे पर आवाज उठाई है और मांग की है कि अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। समाज में यह भी चर्चा हो रही है कि इस तरह की घटनाएँ कितनी अव्यवस्था और मानवता की कमी को दर्शाती हैं।
निष्कर्ष
इस प्रकार की घटनाओं से हमें यह समझने की आवश्यकता है कि हमें अपने समाज में मानवता को बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाने होंगे। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने एक उदाहरण पेश किया है कि कैसे किसी की मदद करना ही असली मानवता है। ऐसी घटनाओं के खिलाफ हमें एकजुट होकर खड़ा होना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी जरूरतमंद सहायता से वंचित न रहे।
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Team PWC News, स्नेहा शर्मा
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