हिंदी पत्रकारिता दिवस पर संगोष्ठी: समाज के मुद्दों से जुड़ी पत्रकारिता की आवश्यकता
लालकुआं। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन लालकुआं द्वारा हिंदी पत्रकारिता में सनसनी और पत्रकारों की…
हिंदी पत्रकारिता दिवस पर संगोष्ठी: समाज के मुद्दों से जुड़ी पत्रकारिता की आवश्यकता
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने हिंदी पत्रकारिता दिवस पर संगोष्ठी आयोजित की जिसमें समाज में पत्रकारों की जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई।
लालकुआं। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की ओर से “हिंदी पत्रकारिता में सनसनी और पत्रकारों की जिम्मेदारी” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में पत्रकारिता की भूमिका पर गहराई से बातचीत हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल, डॉ. मंजूनाथ टीसी ने अपने उद्घाटन भाषण में पत्रकारिता को एक शक्तिशाली माध्यम बताया जो समाज में जन जागरूकता और विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल खबरें देने का काम नहीं है, बल्कि यह समाज को जागरूक करने और उचित दिशा में अग्रसर करने का एक अनिवार्य साधन है।
पत्रकारिता का सकारात्मक प्रभाव
इस अवसर पर डॉ. मंजूनाथ ने खासकर उन पत्रकारों का उल्लेख किया, जो स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हैं और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। उन्होंने बताया कि “एक पत्रकार समाज का दर्पण होता है और पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य जन सरोकारों को उठाना है। हालांकि, वर्तमान में कुछ पत्रकारिता संस्थान सनसनी फैलाने में अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो कि अनुचित है।”
संविधान और पत्रकारिता
संगोष्ठी में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी अपनी बातें रखीं। एक वक्ता ने कहा, “हमारा संविधान हमें स्वतंत्रता, समानता और न्याय का अधिकार प्रदान करता है। लेकिन इस अधिकार का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए।” सभी ने सहमति व्यक्त की कि पत्रकारिता को केवल खबरों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे जनहित में संचालित करना चाहिए।
समाज की भूमिका
संगोष्ठी में मौजूद पत्रकारों ने एकजुटता के साथ यह भी कहा कि समाज को भी पत्रकारों की जिम्मेदारियों को समझना और सराहना चाहिए। संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करने से ही समाज में जागरूकता बढ़ेगी।
एक नई दिशा में पत्रकारिता
लोगों ने सुझाव दिया कि पत्रकारों को अपने काम में पारदर्शिता और नैतिकता बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, पत्रकारों को नई तकनीकों के साथ अपने ज्ञान को अद्यतित रखना आवश्यक है।
अंत में, सभी वक्ताओं ने पत्रकारिता में सकारात्मक बदलाव लाने और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। यह संगोष्ठी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे पत्रकारिता का स्तर और भी ऊंचा होगा।
इस प्रकार, हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित इस संगोष्ठी ने न केवल पत्रकारों की जिम्मेदारियों को उजागर किया, बल्कि समाज में सचेतनता लाने की दिशा में भी मार्ग प्रशस्त किया।
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सादर,
टीम PWC न्यूज, श्रुति शर्मा
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