आज बिरसा मुंडा की जयंती: देहरादून में मनाया गया गौरव महोत्सव
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती पर रेंजर्स ग्राउण्ड,...
आज बिरसा मुंडा की जयंती: देहरादून में मनाया गया गौरव महोत्सव
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को रेंजर्स ग्राउंड में भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती का गौरव महोत्सव मनाया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को रेंजर्स ग्राउंड, देहरादून में आयोजित आदि गौरव महोत्सव में भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी को जनजातीय गौरव दिवस की शुभकामनाएं दीं और उनके विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा जी संघर्ष, स्वाभिमान और संगठित शक्ति के प्रतीक थे।
आदि गौरव महोत्सव का महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जनजातीय संस्कृति, वीरता और परंपराओं का उत्सव है। ऐसे आयोजन जनजातीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं और समाज के अन्य वर्गों को जनजातीय संस्कृति की समृद्धि से परिचित कराते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब तक समाज की सबसे कमजोर कड़ी मजबूत नहीं होगी, तब तक देश वास्तव में मजबूत नहीं हो सकता।
सरकार के प्रयास और योजनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार की जनजातीय समाज के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार जनजातीय समाज के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। केंद्र सरकार ने जनजातीय बजट को तीन गुना तक बढ़ाया है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के लिए विशेष कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी साझा की। वर्तमान में उत्तराखंड में चार एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल संचालित हैं, और भोटिया एवं राजी जनजाति के लिए नए एकलव्य विद्यालय खोलने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।
संविधान को ध्यान में रखते हुए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी प्रदेश में संचालित हैं। इसके अलावा शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए तीन आईटीआई कॉलेज स्थापित किए गए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग और छात्रवृत्ति योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। जनजातीय समाज की बेटियों के विवाह के लिए ₹50,000 का अनुदान दिया जा रहा है।
संस्कृति और खेल को बढ़ावा
राज्य जनजाति महोत्सव और खेल महोत्सव का नियमित आयोजन किया जा रहा है ताकि जनजातीय कला, संस्कृति और खेलों को बढ़ावा मिल सके। इसके साथ ही जनजातीय शोध संस्थान के लिए ₹1 करोड़ के कॉर्पस फंड की व्यवस्था की गई है। यह सभी प्रयास जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।
जनजातीय गौरव दिवस
मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया। यह दिवस बिरसा मुंडा जी के योगदान को याद करने के साथ-साथ जनजातीय संस्कृति और इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर भी है। प्रदेश सरकार इस महोत्सव के आयोजन हेतु ₹50 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे जनजातीय संस्कृति का संरक्षण और विकास सुनिश्चित हो सके।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि हमारी सरकार उत्तराखंड के आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए मेहनत करेंगे।”
जयंती के इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल सभी दर्शकों ने जनजातीय कला और संस्कृति की महत्ता को पहचानते हुए इसे सहेजने का संकल्प लिया।
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सादर,
Team PWC News - प्रिया कुमारी
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