सीएम धामी का हल्किद्वानी में सहकारिता मेले का उद्घाटन: सहयोग और सामर्थ्य का उत्सव
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हल्द्वानी (जनपद नैनीताल) में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष–2025 के...
सीएम धामी का हल्किद्वानी में सहकारिता मेले का उद्घाटन: सहयोग और सामर्थ्य का उत्सव
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हल्द्वानी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य में सहकारिता मेले का उद्घाटन किया। इस मेले का मुख्य उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से पर्यटन के विकास को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री धामी ने यहाँ महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता प्रदान की, जिसमें मध्यकालीन दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता कल्याण योजना के तहत ₹16.97 करोड़ और NRLM समूहों के लिए ₹75.50 लाख शामिल हैं। यह कदम प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें.
सहकारिता और विकास
सीएम धामी ने अपने भाषण में कहा कि यह मेला सहकारिता आधारित अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देगी। इस सात दिवसीय मेले में, 'सहकारिता से पर्यटन विकास' जैसे विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और किसानों द्वारा तैयार उत्पादों का प्रदर्शन होगा।
उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित करना सहकारिता की वैश्विक महत्वता को दर्शाता है। भारत सरकार ने इस दिशा में कदम उठाते हुए एक अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन किया है।" यह एक सशक्त सहकारिता क्षेत्र की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य का शुभारंभ है।
डिजिटलीकरण और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण और डिजिटल प्रणाली के लाभों की चर्चा की। वर्तमान में, 671 समितियाँ पूरी तरह डिजिटल हो चुकी हैं, जिससे पारदर्शिता में वृद्धि हुई है। 24 समितियाँ जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं, जबकि 640 समितियाँ CSC के रूप में विकसित की गई हैं।
साथ ही, उन्होंने बताया कि फरवरी 2023 से अब तक 800 नई PACS और 248 डेयरी समितियाँ स्थापित की गई हैं। किसानों के लिए मंडुआ की खरीद दर बढ़ाकर ₹48.86 प्रति किलोग्राम तय की गई है।
महिला सशक्तिकरण
महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद करते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश ने सुनिश्चित किया है कि 1 लाख 68 हजार से अधिक महिलाएँ आज 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। इस तरह की सफलता को देखकर यह लगता है कि समाज में बदलाव आ रहा है।
स्वदेशी उत्पादों का समर्थन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए स्वदेशी उत्पादों के उपयोग के आह्वान का समर्थन करते हुए सीएम धामी ने कहा, "उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जनसहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।" उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें और इसे एक जन आंदोलन का रूप दें।
सहकारिता मेले का उद्घाटन सभी के लिए एक प्रेरणा के रूप में कार्य करेगा, जो सामूहिक विकास के प्रयासों को बढ़ावा देगा, और प्रदेश के आर्थिक विकास में सहायक होगा।
यह मेला न केवल एक मंच उपलब्ध करता है, बल्कि यह प्रतिभागियों के बीच अनुभव एवं ज्ञान का आदान-प्रदान भी करेगा, जो अंततः उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। प्रधान मंत्री और मुख्यमंत्री की इच्छाशक्ति से, उत्तराखंड आगे बढ़ेगा और एक आदर्श मॉडेल प्रस्तुत करेगा।
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संपादकीय रूप से, यह आयोजन हमें याद दिलाता है कि जब हम मिलकर काम करते हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण, सहकारी समितियों का सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास ये सभी एक ही दिशा में कदम बढ़ाते हैं।
सभी का सहयोग और एकजुटता भारत को एक समृद्ध राष्ट्र की ओर ले जा सकती है।
लेखिका: सुमन कुमारी
Team PWC News
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