इस शक्तिपीठ में मूर्ति नहीं श्रीयंत्र की होती है पूजा, चमत्कारिक मंदिर में आज भी रात को अप्सराएं करती हैं नृत्य
उत्तराखंड में स्थित माता के कई शक्तिपीठों में से एक है चंद्रकूट पर्वत पर स्थित चंद्रबदनी शक्ति पीठ। माना जाता है कि इस मंदिर में माता का धड़ गिरा था। इस मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के बारे में आज हम आपको अपने इस लेख में जानकारी देंगे।

इस शक्तिपीठ में मूर्ति नहीं श्रीयंत्र की होती है पूजा
भारत में कई शक्तिपीठ हैं, लेकिन कुछ ही मंदिर ऐसे हैं जो अपनी अनोखी पूजा पद्धतियों के लिए जाने जाते हैं। इस विशेष शक्तिपीठ में मूर्ति के बजाय श्रीयंत्र की पूजा की जाती है। श्रीयंत्र, जो कि हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण है, शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहां भक्तगण देवी दुर्गा की शक्ति को श्रीयंत्र के माध्यम से महसूस करते हैं।
चमत्कारिक मंदिर की विशेषताएं
इस शक्तिपीठ की एक और खासियत यह है कि इस मंदिर में माना जाता है कि रात के समय अप्सराएं नृत्य करती हैं। स्थानीय लोग और भक्तगण इस बात का दावा करते हैं कि रात के समय इस स्थान की भव्यता और भी बढ़ जाती है। मंदिर के चारों ओर के वातावरण में एक अलौकिक शांति होती है, जो भक्तों को आकर ध्यान और साधना करने के लिए आकर्षित करता है।
पूजा विधि और अनुष्ठान
इस शक्तिपीठ में पूजा विधि अलग-अलग होती है। भक्तजन सुबह-सुबह इस पवित्र श्रीयंत्र की पूजा करते हैं। श्रीयंत्र का निर्माण खास मंत्रों का जाप करते हुए किया गया है, और इसे ध्यान और साधना का मुख्य आधार माना जाता है। विशेष अवसरों पर, यहां भव्य अनुष्ठान भी किए जाते हैं, जिसमें हजारों की संख्या में भक्त शामिल होते हैं।
यात्रा और दर्शन
यदि आप इस चमत्कारिक मंदिर की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह सलाह दी जाती है कि आप पहले से अपने अनुभवों को साझा करें और स्थानीय संस्कृति को समझने का प्रयास करें। ऐसे अनोखे स्थानों पर जाकर हमें केवल आध्यात्मिक अनुभव नहीं मिलता, बल्कि स्थानीय परंपराओं और संस्कृति को जानने का भी अवसर मिलता है।
इस शक्तिपीठ की विशेषता को लेकर श्रद्धालुओं की मान्यता और विश्वास अद्वितीय है। यहां आने वाले भक्तों को न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है, बल्कि अद्भुत अनुभव भी होते हैं।
समग्र में, इस शक्तिपीठ की यात्रा एक अद्वितीय अनुभव है, जिसे आपको अपने जीवन में एक बार अवश्य करना चाहिए।
News by PWCNews.com Keywords: शक्तिपीठ, मूर्ति नहीं, श्रीयंत्र पूजा, चमत्कारिक मंदिर, अप्सराएं नृत्य, धार्मिक स्थान, पूजा विधि, भारत के मंदिर, अद्भुत अनुभव, यात्रा सुझाव.
What's Your Reaction?






