टनकपुर: थ्वालखेड़ा में सुरक्षा दीवार निर्माण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा, एसडीएम से मिले

ग्रामीणों का आरोप- निर्धारित मार्ग की अनदेखी से आवागमन प्रभावित, 20-25 परिवारों के रास्ते को लेकर हस्तक्षेप की मांग टनकपुर/चम्पावत।

Sep 17, 2026 - 00:53
 51  501.8k
टनकपुर: थ्वालखेड़ा में सुरक्षा दीवार निर्माण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा, एसडीएम से मिले

टनकपुर में ग्रामीणों का आक्रोश: सुरक्षा दीवार निर्माण पर उठे सवाल

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News

कम शब्दों में कहें तो, टनकपुर के थ्वालखेड़ा गांव के निवासी सुरक्षा दीवार निर्माण में शामिल समस्याओं को लेकर गुस्से में हैं। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

टनकपुर/चम्पावत। शारदा रिवर फ्रंट कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत ग्राम थ्वालखेड़ा में एक सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों में गहरा असंतोष उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी पूर्णागिरि को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने अपनी समस्याओं और आवागमन के मार्ग का ध्यान रखने की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप

ग्रामीणों का यह आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित मार्ग की अनदेखी से उनके आवागमन प्रभावित हो गए हैं। इस मुद्दे पर 20-25 परिवारों ने मिलकर एसडीएम से बात की और हस्तक्षेप की गुहार लगाई। उनका कहना है कि पूर्व में कार्यदायी संस्था ने उन्हें आश्वासन दिया था कि ग्रामीणों के हितों का ध्यान रखा जाएगा, लेकिन अभी तक उन वादों का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं किया गया है।

स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

एसडीएम पूर्णागिरि ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से लिया है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि प्रशासन इस मामले की जांच करेगा और समस्या का समाधान निकालने के लिए उचित कदम उठाएगा। स्थानीय अधिकारी इस बात को समझते हैं कि ग्रामीणों की शिकायतें उचित हैं और उनकी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

सामुदायिक भावना

ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आवाज उठाई है, जो यह दर्शाता है कि वे अपने हक के लिए खड़े हैं। थ्वालखेड़ा की यह समस्या न केवल इस क्षेत्र के लिए बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक उदाहरण बनने जा रही है कि कैसे स्थानीय समुदाय अपने अधिकारों के लिए संगठित हो सकते हैं। वे अपनी आवाज को उठाकर प्रशासन को उनके हितों की रक्षा के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

निष्कर्ष

टनकपुर के थ्वालखेड़ा गांव के ग्रामीणों का यह संघर्ष उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक प्रेरणादायक कदम है। यह घटना हमें यह संकेत देती है कि जब स्थानीय समुदाय एकजुट होता है, तो वे अपने मुद्दों को प्राथमिकता दिला सकते हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से लेकर त्वरित समाधान निकाले। आगे चलकर, यह मुद्दा क्षेत्र की विकास परियोजनाओं की पारदर्शिता और स्थानीय हितों के संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बन सकता है।

अधिक अपडेट के लिए, हमारी वेबसाइट पर जाएं.

इस खबर को तैयार किया है: सुमन कुमारी, टीम PWC News

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow