टिहरी को 'वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन' के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया में तेजी
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पर्यटन विभाग के साथ बैठक के दौरान टिहरी...
टिहरी को 'वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन' के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया में तेजी
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कम शब्दों में कहें तो टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन गंतव्य के तौर पर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पर्यटन विभाग के साथ बैठक के दौरान टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने हेतु एक समग्र मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है। बैठक में उन्होंने कहा कि टिहरी लेक क्षेत्र को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए दीर्घकालिक और सुनियोजित रणनीति की जरूरत है।
आवश्यकताओं का मास्टर प्लान
मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि टिहरी झील के आसपास के लगभग 8,000 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल करते हुए एक समग्र मास्टर और जोनल प्लान तैयार किया जाए। इस योजना में सरकारी एवं निजी दोनों प्रकार की भूमि का समावेश किया जाएगा। उन्होंने बेतरतीब विकास रोकने के लिए पूरे क्षेत्र का मास्टर प्लान तैयार करने और आवश्यकतानुसार विभिन्न क्षेत्रों के लिए जोन निर्धारित करने के निर्देश दिए।
इस प्रक्रिया में सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स के विचारों को भी शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है ताकि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां, स्थानीय आवश्यकताएं, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और पर्यटन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना तैयार की जा सके।
टूरिज्म गतिविधियों का समावेश
मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी झील क्षेत्र को वैश्विक पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए पूरे लेक एरिया में विभिन्न पर्यटन गतिविधियों को समाहित करने की आवश्यकता है। इसके लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र (मैग्नेट एरिया) विकसित किए जाएंगे। अपने उद्देश्य पर केंद्रित रहने के लिए एक चरणबद्ध योजना तैयार की जाएगी, ताकि प्राथमिकता के अनुसार विभिन्न परियोजनाएं विकसित की जा सकें।
उन्होंने निर्देश दिए कि टिहरी झील में ऐसी पर्यटन गतिविधियों की विस्तृत योजना तैयार की जाए, जिससे पर्यटक कम से कम एक-दो दिन या उससे अधिक समय तक क्षेत्र में ठहर सकें। इसके साथ ही, अप्रैल, मई और जून महिनों के दौरान जलस्तर कम रहने पर भी पर्यटकों के लिए पर्याप्त गतिविधियां सुनिश्चित करने की विशेष कार्ययोजना बनानी होगी।
संवर्धित ट्रैकिंग रूट्स और सांस्कृतिक अनुभव
मुख्य सचिव ने टिहरी झील क्षेत्र में नए ट्रैकिंग रूट्स और ट्रेल्स विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। साथ ही कहा कि आसपास के गांवों को पर्यटन से जोड़ने के लिए विलेज और कल्चरल विजिट की व्यवस्था विकसित की जा सकती है। यह स्थानीय संस्कृति, परंपराओं, खान-पान और ग्रामीण जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।
मुख्य सचिव ने टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए समग्र कार्ययोजना और प्रस्तावित गतिविधियों पर एक विस्तृत प्रजेंटेशन तैयार करने की आवश्यकता बताई, जिसे भविष्य में प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसी संदर्भ में अगली बैठक में टीएचडीसी के अधिकारियों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि झील क्षेत्र के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर समन्वयित रूप से चर्चा की जा सके।
ये कदम टिहरी झील को न केवल एक सुंदर स्थल बनाने के लिए योगदान देंगे, बल्कि इससे स्थानिक विकास और स्थानीय समुदाय की आर्थिक समृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा।
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टीम PWC समाचार
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