विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर उठी आवाज, बड़े अस्पतालों में फार्मासिस्टों के पद बढ़ाने की आवश्यकता
चम्पावत। विश्व फार्मासिस्ट दिवस की पूर्व संध्या पर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष विष्णु गिरी गोस्वामी ने जिले के
विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर फार्मासिस्टों के पदों की बढ़ोतरी की मांग
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News
कम शब्दों में कहें तो, चम्पावत जिले के डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष विष्णु गिरी गोस्वामी ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस की पूर्व संध्या पर अस्पतालों में फार्मासिस्टों के पद बढ़ाने की मांग उठाई है।
चम्पावत। विश्व फार्मासिस्ट दिवस की पूर्व संध्या पर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष विष्णु गिरी गोस्वामी ने जिले के सुदूरवर्ती और सीमावर्ती क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे फार्मेसी अधिकारियों को नमन करते हुए प्रमुख चिकित्सालयों में फार्मासिस्टों के स्वीकृत पद बढ़ाने की पुरजोर मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि चम्पावत जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले पर्वतीय जनपद में फार्मासिस्ट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ पर उचित स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में फार्मासिस्ट होना आवश्यक है।
फार्मासिस्टों की भूमिका
फार्मासिस्ट सिर्फ दवा देने तक सीमित नहीं हैं; वे मरीजों को दवाओं के उपयोग, उनके दुष्प्रभाव, और उचित खुराक के बारे में भी जानकारी देते हैं। इसलिए, अस्पतालों में फार्मासिस्टों की संख्या बढ़ाने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। गोस्वामी ने यह भी कहा कि यदि अधिक अस्पतालों में फार्मासिस्टों की नियुक्ति की जाती है, तो यह न केवल दवा वितरण में सुधार लाएगा बल्कि मरीजों की सेहत पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
चुनौतियाँ
चम्पावत जैसे पर्वतीय क्षेत्र में औषधियों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में कई चुनौतियाँ हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अक्सर मीलों दूर यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में, यदि फॉर्मासिस्टों की संख्या बढ़ाई जाती है, तो न केवल सेवाओं की सुलभता बढ़ेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतरता भी बनी रहेगी।
समर्थन की आवश्यकता
गोस्वामी ने राज्य सरकार से अपील की है कि वह इस दिशा में कार्य करे और फार्मासिस्टों के पदों में वृद्धि के लिए तात्कालिक कदम उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि केवल चिकित्सा अधिकारियों की उपलब्धता से स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं होती, बल्कि फार्मासिस्टों का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
फार्मासिस्टों के पदों की बढ़ोतरी की मांग केवल एक पेशेवर आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो इन सीमावर्ती क्षेत्रों में रहते हैं। हमें उम्मीद है कि सरकार इस आवाज को सुनेगी और उचित कदम उठाएगी।
विशेष रूप से विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर, यह समय है कि हम फार्मासिस्टों के योगदान को मान्यता देने के साथ-साथ उनकी पेशेवर आवश्यकताओं पर भी ध्यान दें।
अधिक जानकारी के लिए, हमारे साथ जुड़े रहें। PWC News पर और अपडेट जानें।
सहयोग : टीना शर्मा, टीम PWC News
What's Your Reaction?