गुजरात टॉप पर: देशभर की 2.25 लाख ग्राम पंचायतों ने OSR के रूप में जुटाए 5,118 करोड़ रुपये - PWCNews
गुजरात ने सबसे अधिक 829.75 करोड़ रुपये ओएसआर के रूप में जमा किये। केरल 802.95 करोड़ रुपये जमा करके दूसरे स्थान पर रहा। आंध्र प्रदेश ने 791.93 करोड़ रुपये, कर्नाटक ने 627.56 करोड़ रुपये, तमिलनाडु ने 516.3 करोड़ रुपये और पश्चिम बंगाल ने 435.17 करोड़ रुपये जमा किये।
गुजरात की सफलता की कहानी
हाल ही में, गुजरात ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। देशभर की 2.25 लाख ग्राम पंचायतों ने ऑप्शनल सर्विस रेवेन्यू (OSR) के रूप में 5,118 करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि कैशलेस लेन-देन और सरकारी सेवाओं के वैकल्पिक स्रोतों के माध्यम से किस प्रकार स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति में सुधार हो रहा है।
OSR के लाभ
OSR का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों को उनके वित्तीय संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद करना है। इस पहल के तहत, पंचायतें नए स्रोतों से आय उत्पन्न कर रही हैं, जिससे विकास कार्यों के लिए आवश्यक धन की उपलब्धता में वृद्धि हो रही है। गुजरात ने इस मामले में एक आदर्श उदाहरण पेश किया है और अन्य राज्यों के लिए एक मार्गदर्शक बन सकता है।
ग्राम पंचायतों का बढ़ता महत्व
ग्राम पंचायतों की इस उपलब्धि का श्रेय उनके समर्पण और नवाचार को जाता है। वे अब अपने राजस्व में वृद्धि करने के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग कर रही हैं, जैसे संपत्ति कर, उपभोक्ता विकल्पों का विस्तार, और डिजिटल भुगतान की प्रक्रियाओं को अपनाना। इसके परिणामस्वरूप, नागरिकों को भी बेहतर सेवाएं मिल रही हैं।
भविष्य की संभावनाएँ
यह सफलता केवल गुजरात तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकता है। यदि अन्य राज्य भी इस मॉडल को अपनाते हैं, तो इससे स्थानीय विकास में तेजी आएगी। इसके साथ ही, इससे सरकारी दुरुपयोग को भी कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।
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