पिथौरागढ़ में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिल रहा लाभ, प्रशासन की सक्रियता

जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आशीष भटगांई की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ग्राम टुंडी के...

Jan 20, 2026 - 09:53
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पिथौरागढ़ में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिल रहा लाभ, प्रशासन की सक्रियता

पिथौरागढ़ में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिल रहा लाभ, प्रशासन की सक्रियता

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कम शब्दों में कहें तो, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने पिथौरागढ़ में ग्राम टुंडी के ग्रामीणों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है। जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय विकास के लिए व्यापक कार्रवाई योजना बनाई गई है।

जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आशीष भटगांई की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ग्राम टुंडी के समन्वित विकास हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, उप जिलाधिकारी पिथौरागढ़ मंजीत सिंह, और कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन, डेयरी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

विकास योजनाओं पर चर्चा

बैठक में मुख्य उद्यान अधिकारी ने कीवी उत्पादन, मशरूम उत्पादन और मौन पालन को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत की। इसके लिए कृषकों का चयन किया जा चुका है और कीवी पौधों के रोपण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। कीवी उत्पादन

मुख्य कृषि अधिकारी अमरेन्द्र चौधरी ने बताया कि लघु सिंचाई विभाग के माध्यम से सिंचाई क्षमता को बढ़ाने के लिए गूल निर्माण और चेकडैम बनाये जा रहे हैं। इसके अलावा, कृषि विभाग किसानों को जियोलाइन टैंक और फार्म मशीनरी बैंक की सुविधा भी प्रदान कर रहा है।

मत्स्य पालन को प्रोत्साहन

सहायक निदेशक, मत्स्य डॉ. रमेश चलाल ने बताया कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 06 मत्स्य तालाबों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही, पशुपालन विभाग ने 10 किसानों का चयन बकरी पालन के लिए और डेयरी विभाग ने 10 किसानों का चयन दुग्ध उत्पादन हेतु किया है।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. सैनी ने निर्देश दिए हैं कि मनरेगा योजना के अंतर्गत पशु शालाओं का निर्माण सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण विकास की गति को बढ़ाया जा सके।

सूत्रधारों द्वारा दिशा-निर्देश

जिलाधिकारी ने ग्राम के सौंदर्यीकरण के लिए आवश्यक उपायों की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि रास्तों के सुधारीकरण, भवनों पर पेंटिंग और सौर प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, ग्रामीण निर्माण विभाग को रास्तों के सुधारीकरण एवं गेट निर्माण हेतु आगणन तैयार करने के निर्देश दिए गए।

सभी विभागों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश भी दिए गये हैं, ताकि ग्राम टुंडी को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके।

डीएलसी बैठक के परिणाम

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत 33 लाभार्थियों को 19 जनवरी 2026 को स्वीकृति दी गई। यह स्वीकृति वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP) और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत सुधार की योजना के तहत दी गई। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समिति (DLC) की बैठक में इन परियोजना प्रस्तावों पर विचार-विमर्श हुआ, जिसमें 33 मत्स्य पालक किसानों के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

यह बैठक स्थानीय अधिकारियों, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के प्रभारी, अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), एवं अन्य लक्षित निरीक्षकों की उपस्थिति में सम्पन्न हुई।

इस प्रकार, पिथौरागढ़ में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की सक्रियता से न केवल मत्स्य पालन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि यह ग्रामीण विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसके परिणाम स्वरूप, लोकल अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिल रही है।

आखिरकार, यदि प्रशासन इसी गति से काम करता है, तो यह पहल ग्रामीणों के लिए काफी लाभकारी साबित होगी। अधिक अपडेट के लिए यहां क्लिक करें.

Team PWC News, राधिका आचार्य

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