बीजेपी ने चंदा जुटाने में मारी बाजी, कुल 3811 करोड़ में से 3112 करोड़ पर कब्जा

खबर संसार नई दिल्ली. राजनैतिक दलों में चंदा लेने में बीजेपी टॉप पर, पिछले साल मिले कुल 3811 करोड़ में 3112 अकेले बीजेपी ले गई बचा 700करोड़ कॉंग्रेस ओर अन्य दलों को मिला.. जी हा बात कर रहे चुनावी चंदे की.नौ चुनावी ट्रस्टों ने पार्टियों को दिए 3,811 करोड़, 82% भाजपा को मिला. राजनीतिक दलों […] The post राजनैतिक दलों में चंदा लेने में बीजेपी टॉप पर, पिछले साल मिले कुल 3811 करोड़ में 3112 अकेले बीजेपी ले गई appeared first on Khabar Sansar News.

Dec 22, 2025 - 09:53
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बीजेपी ने चंदा जुटाने में मारी बाजी, कुल 3811 करोड़ में से 3112 करोड़ पर कब्जा

बीजेपी ने चंदा जुटाने में मारी बाजी, कुल 3811 करोड़ में से 3112 करोड़ पर कब्जा

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कम शब्दों में कहें तो, पिछले वर्ष में राजनीतिक दलों को मिले 3811 करोड़ रुपये में से अकेले BJP ने 3112 करोड़ रुपये प्राप्त किए हैं। इस भव्य धनराशि में अन्य दलों का हिस्सा महज 700 करोड़ रुपये है, जिसमें कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों का योगदान शामिल है।

हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, भारत में नौ चुनावी ट्रस्टों ने कुल 3811 करोड़ रुपये का चंदा राजनीतिक दलों को दिया है। इसमें से 82 प्रतिशत, यानी 3112 करोड़ रुपये, भाजपा के खाते में गए हैं। यह आंकड़ा इस बात को दर्शाता है कि भाजपा ने अन्य राजनीतिक दलों की तुलना में चंदा जुटाने में एक महत्वपूर्ण बढ़त बनाई है।

चुनावी ट्रस्टों की अनुदान योजना

पिछले वर्ष में, सुप्रीम कोर्ट द्वारा चंदा दिए जाने की निर्वाचन बॉन्ड योजना को रद्द किए जाने के बाद किसी भी राजनीतिक दल को चंदा देने वाली नई व्यवस्था के तहत, इस वित्त वर्ष में भारतीय जनता पार्टी को अधिकांश धन मिला। रपटों के अनुसार, सभी ट्रस्टों की ओर से भारतीय निर्वाचन आयोग को 299 करोड़ रुपये का चंदा कांग्रेस को गया, जबकि 400 करोड़ रुपये का चंदा अन्य राजनीतिक दलों में बांटा गया।

बीजेपी और अन्य दलों का चंदे में हिस्सा

इन चुनावी ट्रस्टों के माध्यम से जुटाई गई धनराशि के वितरण पर ध्यान देने से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा ने कई ट्रस्टों के द्वारा प्राप्त धन का अधिकतर हिस्सा अपने पास रखा है। उदाहरण के लिए, प्रूडेंट चुनावी ट्रस्ट द्वारा 2668 करोड़ रुपये में से भाजपा को 2180 करोड़ रुपये और कांग्रेस को 216 करोड़ रुपये मिलते हैं। इसी तरह, प्रोग्रेसिव चुनावी ट्रस्ट ने 914 करोड़ रुपये में से 758 करोड़ रुपये भाजपा को दिए।

अन्य स्रोतों से प्राप्त धन

हालाँकि, चुनावी ट्रस्टों के अलावा भी राजनीतिक दलों को अपने विपणन एवं अन्य स्रोतों से धन प्राप्त होता है जो कि इस संख्या में शामिल नहीं हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि धन जुटाने में भाजपा केवल ट्रस्टों पर निर्भर नहीं है, बल्कि अन्य तरीके भी अपना रही है।

राजनीतिक फंडिंग का भविष्य

चुनावी चंदे की यह स्थिति चिंता के साथ आती है, क्योंकि इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पारदर्शिता पर प्रभाव पड़ता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और सभी दलों के लिए समान अवसर प्रदान करना आवश्यक है ताकि सभी राजनीतिक दल प्रतिस्पर्धा कर सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी बॉन्ड योजना के समाप्त होने से राजनीतिक चंदे में एक स्पष्टता आई है, जिससे भविष्य में इसे और अधिक जवाबदेह बनाया जा सकेगा।

अंत में, राजनीतिक दलों के लिए यह समय है कि वे अपने चंदा जुटाने की रणनीतियों को पुन: परिभाषित करें और सुनिश्चित करें कि वे सही तरीके से और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहे हैं।

Team PWC News - प्रियंका

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