मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रवासी उत्तराखण्डी अधिवक्ताओं के साथ संवाद: राज्य की रजत जयंती वर्ष मनाया
नई दिल्ली/ देहरादून। नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में उत्तराखण्ड राज्य की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रवासी उत्तराखण्डी Source
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रवासी उत्तराखण्डी अधिवक्ताओं के साथ संवाद: राज्य की रजत जयंती वर्ष मनाया
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रवासी उत्तराखण्डी अधिवक्ताओं के साथ संवाद करते हुए उत्तराखण्ड राज्य की रजत जयंती वर्ष की विशेषता पर चर्चा की।
रजत जयंती वर्ष का महत्व
नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में प्रवासी उत्तराखण्डी अधिवक्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रवासी अधिवक्ताओं से उत्तराखण्ड की संस्कृति, विकास और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “यह रजत जयंती वर्ष हमारे लिए एक आयोजन मात्र नहीं है, बल्कि यह हमारे राज्य के विकास की कहानी है। हमें गर्व है कि उत्तराखण्ड ने पिछले 25 वर्षों में विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।” उन्होंने प्रवासी उत्तराखण्डियों से अनुरोध किया कि वे राज्य के विकास में अपना योगदान दें।
संवाद में शामिल विषय
इस संवाद के दौरान, प्रवासी अधिवक्ताओं ने अपनी चिंताएँ रखीं और राज्य सरकार से विभिन्न मुद्दों पर ध्यान देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने इन समस्याओं को सुनने के बाद आश्वासन दिया कि सरकार प्रवासी उत्तराखण्डियों की आवाज को समझती है और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए कदम उठाएगी।
उत्तराखण्ड की उपलब्धियाँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखण्ड ने पिछले वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में नई नौकरियों का सृजन और औद्योगिक विकास के लिए कई योजनाएं बनाई जा रही हैं।
भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने विस्तार से बताया कि भविष्य में उत्तराखण्ड के विकास के लिए क्या-क्या योजनाएँ है। उन्होंने प्रवासी उत्तराखण्डियों से मांग की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राज्य के विकास में योगदान दें जिससे उत्तराखण्ड और भी समृद्ध हो सके।
इस संवाद ने प्रदेश की विकास यात्रा को साझा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया और प्रवासी उत्तराखण्डियों को अपने राज्य से जोड़े रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उत्तराखण्ड की रजत जयंती को पूरा करने वाले इस संवाद ने यह भी दर्शाया कि प्रवासी उत्तराखण्डी अधिवक्ता अपने राज्य से किस हद तक जुड़े हुए हैं और अपने राज्य की समृद्धि के लिए वे कितने तत्पर हैं।
यह संवाद उत्तराखण्ड के प्रवासी समुदाय के लिए सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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सादर,
टीम PWC News - साक्षी रस्तोगी
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