काली माई की देवरा यात्रा: केदार घाटी के श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य अवसर
गुप्तकाशी: सिद्ध पीठ कालीमठ की काली माई की देवरा यात्रा का कार्यक्रम रविवार को वृश्चिक संक्रांति पर्व पर घोषित हो गया। पारंपरिक रूप से काली माई देवप्रयाग के दिव्य संगम पर 14 जनवरी 2026 को स्नान करेंगी। कालीमठ पंचगाई समिति की आज महत्वपूर्ण सार्वजनिक बैठक मंदिर प्रांगण में अध्यक्ष लखपत सिंह राणा की अध्यक्षता में संपन्न […] The post विश्व कल्याण के लिए काली माई देवरा यात्रा पर जाएंगी, केदारघाटी के सैकड़ों श्रद्धालु होंगे देवरा यात्रा में शामिल appeared first on Devbhoomisamvad.com.
काली माई की देवरा यात्रा: केदार घाटी के श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य अवसर
गुप्तकाशी: सिद्ध पीठ कालीमठ की काली माई की देवरा यात्रा का कार्यक्रम रविवार को वृश्चिक संक्रांति पर्व पर प्रेमपूर्वक घोषित किया गया है। परंपरागत रूप से, यह यात्रा 14 जनवरी 2026 को दिव्य संगम देवप्रयाग पर स्नान के साथ आरंभ होगी। इस वर्ष की देवरा यात्रा के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु केदार घाटी से शामिल होंगे, जो विश्व कल्याण की भावना के साझीदार बनेंगे। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News
बैठक की अहमियत
कालीमठ पंचगाई समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक मंदिर प्रांगण में अध्यक्ष लखपत सिंह राणा की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में मां भगवती कालीमाई की यात्रा की तिथि की घोषणा की गई। इसके अनुसार, यात्रा 7 दिसंबर 2025 को शुभ मुहूर्त पर विधिविधान और पूजन के साथ क्षेत्र भ्रमण शुरू करेगी और फिर देवप्रयाग की ओर प्रस्थान करेगी।
यात्रा का मार्ग और उद्देश्य
देवशाल गांव के आचार्य और ह्यूण गांव के ब्रह्मा द्वारा यात्रा का कार्यक्रम निर्धारित किया गया। काली माई की डोली, लक्ष्मी मंदिर से रवाना होकर पहले गूंठ गांवों का भ्रमण करेगी, फिर पद यात्रा करते हुए देवप्रयाग की ओर प्रस्थान करेगी। 14 जनवरी 2026 की सुबह मकर संक्रांति के शुभ मुहूर्त पर, मां भगवती गंगा घाट पर पवित्र स्नान करेंगी। इस मौके पर सम्पूर्ण केदार घाटी के श्रद्धालु इस महापर्व का हिस्सा बनेंगे।
समुदाय की भागीदारी
बैठक में मौजूद कालीमठ, जग्गी, बेडूला, ब्यूखीं, और कविल्ठा गांवों के लोग इस यात्रा को सफल बनाने में सहयोग की भावना के साथ उपस्थित थे। समिति के अध्यक्ष लखपत सिंह राणा ने कहा कि इस बार यात्रा को भव्य रूप दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य विश्व कल्याण के साथ उन भक्तों तक पहुंचना है जो किसी कारणवश कालीमठ नहीं पहुंच पाते।
भक्ति और आशीर्वाद का अनुभव
कالی माई यात्रा के दौरान भक्तों का आशीर्वाद देने का विशेष ध्यान रखा जाएगा। माता अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हुई आगे बढ़ेंगी। यात्रा के दौरान कहॉं ठहरना है, यह उन भक्तों से भी तय होगा, जिन्होंने माता जी के स्वागत के लिए अपने घरों का आमंत्रण दिया है। यह यात्रा भक्तों के लिए एक अद्वितीय अवसर होगा जिसमें वे माता के आशीर्वाद से लाभान्वित हो सकेंगे।
निष्ठा और समर्पण
इस अवसर पर आचार्य भगवती देवशाली, ह्यूण गांव के ब्रह्मा आचार्य वेंकट रमण, महामंत्री सुरेशानंद गौड़, उपाध्यक्ष सुदर्शन राणा, प्रचार प्रमुख देवेंद्र राणा, प्रदीप राणा सहित पंचगाई समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे। उन्होंने यात्रा की तैयारी के लिए निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का वचन दिया। महामंत्री सुरेशानंद गौड़ ने सभी से सहयोग की अपेक्षा की ताकि यह दिव्य यात्रा सफल हो सके।
कम शब्दों में कहें तो, इस देवरा यात्रा का महत्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक भी है। यह यात्रा न केवल श्रद्धालुओं को एकत्रित करेगी, बल्कि विश्व कल्याण की भावना को भी उजागर करेगी। सभी भक्त इस अवसर का लाभ उठाने के लिए तत्पर हैं। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News
इसके साथ ही, इस यात्रा की उपयोगिता और महत्वपूर्णता को समझते हुए, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह एक सुनहरा अवसर है अपने आस्था को प्रकट करने का। आगे बढ़ते हुए, इस यात्रा के द्वारा हम सभी को मां काली से आशीर्वाद प्राप्त होगा।
यात्रा की सभी जानकारी के लिए, हमारे पोर्टल pwcnews.com पर जरूर जाएं।
सादर,
संगीता,
टीम PWC News
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