सरकार लाएगी नया रोजगार कानून, मिलेंगे 125 दिन के काम - ग्रामीण बेहतरी की दिशा में एक कदम
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्र सरकार लोकसभा में एक अहम विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है। यह विधेयक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह लेने वाला है। सरकार का दावा है कि नया कानून ग्रामीण रोजगार और आजीविका को नए सिरे से मजबूती देगा। लोकसभा में पेश […] The post मनरेगा की जगह नया कानून लाएगी सरकार, मिलेगा 125 दिन का काम appeared first on Khabar Sansar News.
सरकार लाएगी नया रोजगार कानून, मिलेंगे 125 दिन के काम
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कम शब्दों में कहें तो, केंद्र सरकार लोकसभा में नया रोजगार विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह लेगा। इस नए कानून का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार और आजीविका को मजबूती प्रदान करना है।
लोकसभा में पेश होगा नया रोजगार विधेयक
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने इस विधेयक को लेकर अपनी तैयारी को तेज कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी सांसदों के लिए 15 से 19 दिसंबर के बीच लोकसभा की कार्यवाही में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है। इस कदम से स्पष्ट होता है कि सरकार इस बिल को गंभीरता से आगे बढ़ाने के लिए इच्छुक है।
क्या है VB G RAM G?
नए कानून का नाम ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ रखा गया है, जिसे संक्षेप में VB G RAM G कहा जाएगा। यह मिशन ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, और सरकार इसे ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानती है।
नए कानून से क्या होंगे बड़े बदलाव?
वर्तमान में, मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाती है। नया विधेयक इस गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रस्ताव कर रहा है। यह कदम ग्रामीण परिवारों की आय में सुधार और रोजगार की स्थिरता सुनिश्चित करेगा।
क्यों है यह बदलाव महत्वपूर्ण?
मनरेगा ने पिछले दो दशकों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित हुई है। इस योजना ने बेरोजगारी को कम करने के साथ-साथ पलायन को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार का मानना है कि नया कानून न केवल रोजगार सुनिश्चित करेगा, बल्कि कौशल विकास और स्थायी आजीविका के अवसर भी प्रदान करेगा।
राजनीतिक और सामाजिक असर
जब यह विधेयक संसद में पेश होगा, तो जोरदार बहस होने की संभावना है। विपक्ष, मनरेगा को खत्म करने के प्रस्ताव पर सवाल उठा सकता है, जबकि सरकार इसे ग्रामीण भारत के लिए एक ऐतिहासिक कदम के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
कुल मिलाकर, मनरेगा की जगह नया कानून ग्रामीण रोजगार नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है, जिस पर पूरे देश की पैनी निगाहें टिकी हुई हैं।
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सादर,
टीम PWC न्यूज़ - साक्षी शर्मा
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