उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में सीएम धामी ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के विशेष सत्र में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी...
उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में सीएम धामी ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में महिला सशक्तिकरण और अन्य सामाजिक मुद्दों पर जोरदार बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से सत्ता संभाली, तब से नारी सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में दिए अपने भाषण में बताया कि महिलाएं अब हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, और इस दिशा में पिछले 11 वर्षों में उल्लेखनीय प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण हेतु 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है।
धामी ने कहा कि "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" अभियान ने लिंगानुपात और बालिका शिक्षा में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। पिछले 11 वर्षों में लिंगानुपात में 12 अंकों की वृद्धि हुई है और स्कूलों में लड़कियों का नामांकन अनुपात 3 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। इसके साथ ही, संस्थागत प्रसव की दर 61 प्रतिशत से बढ़कर 97 प्रतिशत हो गई है।
सीएम धामी ने "सुकन्या समृद्धि योजना" का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के तहत >4 करोड़ से अधिक खातों में 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा की गई है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए "प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना" की भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को इस कुप्रथा से कानूनी संरक्षण प्रदान किया है। उन्होंने मजेदार बातें करते हुए कहा कि आज देश की सामान्य घरों की बेटियाँ रसोई से रायसीना हिल तक की यात्रा कर रही हैं।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए बताया कि कुछ लोग उत्तराखंड में महिला आरक्षण के प्रति असत्य और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिसीमन के बाद विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 105 हो सकती थी, जिसमें से 35 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती थीं।
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने इस वर्ष जेंडर बजट के अंतर्गत लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा, राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए "समान नागरिक संहिता" को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी की सरकार देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य करेगी।" उन्होंने विपक्ष से अपील की कि मातृशक्ति के सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सभी को एकजुट होना चाहिए।
इस सत्र में मुख्यमंत्री ने विकास और समानता के लिए कई प्रस्तावों का उल्लेख किया और आगामी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। इन प्रयासों से साफ है कि उनकी सरकार न केवल समाज में महिलाओं का सशक्तिकरण करना चाहती है, बल्कि उन्हें हर क्षेत्र में सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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Team PWC News
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