उत्तराखण्ड में आपदा प्रबंधन की सफलता: मॉक ड्रिल का आयोजन

उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशन एवं निकट पर्यवेक्षण में आयोजित दो दिवसीय राज्य...

Mar 19, 2026 - 09:53
 57  501.8k
उत्तराखण्ड में आपदा प्रबंधन की सफलता: मॉक ड्रिल का आयोजन

उत्तराखण्ड में आपदा प्रबंधन की सफलता: मॉक ड्रिल का आयोजन

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने हाल ही में आपदा प्रबंधन संबंधी एक महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह मॉक ड्रिल राज्य के आठ जनपदों में किया गया, जिसमें विभिन्न संभावित आपदा परिदृश्यों पर अभ्यास किया गया।

इस मॉक ड्रिल का आयोजन उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशन एवं निकट पर्यवेक्षण में 进行了。 दूसरे दिन, राज्य के शेष आठ जनपदों-हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर, चमोली, चम्पावत, टिहरी, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में बहु-स्थलीय मॉक अभ्यास किया गया, ताकि आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों को परखा जा सके।

मॉक ड्रिल की विशेषताएँ

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से सभी मॉक ड्रिल के चरणों की निरंतर निगरानी की गई। इस दौरान, विभिन्न संभावित आपदा परिदृश्यों जैसे कि बाढ़, भूस्खलन, भूकंप, औद्योगिक दुर्घटनाएं, वनाग्नि, सड़क दुर्घटनाएं और मानव-वन्यजीव संघर्ष पर आधारित अभ्यास किया गया। यह अभ्यास विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और संसाधनों के उपयोग का परीक्षण करने का एक महत्वपूर्ण जरिया था।

महत्वपूर्ण रिपोर्ट

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास के सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इन अभ्यासों के माध्यम से जनपदों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों का व्यापक परीक्षण किया गया। सभी विभागों एवं एजेंसियों के बीच समन्वय देखने को मिला, जिससे त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता की संतोषजनकता बढ़ी। मॉक ड्रिल के दौरान सामने आई कमियों और चुनौतियों का गंभीरता से विश्लेषण किया जाएगा।

आर्थिक क्षेत्रों में अभ्यास

हरिद्वार में हर की पैड़ी, शिवपुल, मनसा देवी मार्ग और रुड़की में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। गंगा के जलस्तर में अचानक वृद्धि से उत्पन्न बाढ़, भगदड़ और अन्य परिदृश्यों पर राहत एवं बचाव कार्य का अभ्यास किया गया।

देहरादून में ऋषिकेश, विकासनगर, और मसूरी में विभिन्न आपदा परिदृश्यों पर अभ्यास किया गया। इनमें विस्फोट, भूस्खलन और बस दुर्घटना के दौरांत त्वरित प्रतिक्रिया का अभ्यास किया गया।

ऊधमसिंह नगर में भी बाढ़ और मानव-वन्यजीव संघर्ष पर मॉक अभ्यास किया गया, जबकि चमोली में भूकंप और वनाग्नि से संबंधित सुरक्षात्मक अभ्यास किए गए।

जनपद के प्रदर्शन

जनपद चम्पावत ने भूस्खलन और जलभराव पर आधारित मॉक अभ्यास किया, जबकि पिथौरागढ़ में भूकंप और औद्योगिक दुर्घटनाओं पर अनुसंधान किया गया। अल्मोड़ा के विभिन्न क्षेत्रों में भी त्वरित प्रतिक्रिया कार्यों का परीक्षण किया गया।

इस मॉक ड्रिल के साथ, उत्तराखण्ड राज्य ने फिर से आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूती से सामने रखा है। यह दिखाता है कि सरकार और संबंधित एजेंसियाँ ऐसी सीमाओं के भीतर तैयार हैं, जब ऐसे संकट उत्पन्न होते हैं।

आपदा प्रबंधन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहाँ क्लिक करें.

Team PWC News: Neha Sharma

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow