कांग्रेस विधायक हरीश धामी के खिलाफ धारचूला अस्पताल की महिला अधिकारी का बेतुका व्यवहार, धरने की दी चेतावनी
धारचूला से कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने सरकारी अस्पताल की एक महिला अफसर पर बदसलूकी...
कांग्रेस विधायक हरीश धामी के खिलाफ धारचूला अस्पताल की महिला अधिकारी का बेतुका व्यवहार, धरने की दी चेतावनी
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कम शब्दों में कहें तो, धारचूला से कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने सरकारी अस्पताल की एक महिला अफसर पर फोन पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। हरीश धामी ने इस मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। यदि उचित कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय के बाहर धरना देने की चेतावनी दी है।
धारचूला के विधायक हरीश धामी ने हाल ही में अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उन्हें अस्पताल से एम्बुलेंस की सुविधा के लिए एक मरीज के परिवार से फोन आया था। इसी दौरान, वहां उपस्थित एक महिला अधिकारी ने उन्हें सुनने के बजाय अपमानजनक बातें कही। हरीश धामी ने इसे अत्यंत निंदनीय बताया और कहा कि ऐसी घटनाएं जो धारा 144 के तहत जनप्रतिनिधियों के साथ हो रही हैं, यह गंभीर चिंता का विषय है।
सोशल मीडिया पर उठाए सवाल
इस मामले को लेकर हरीश धामी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “जब कोई जनप्रतिनिधि अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा अपमानित होता है, तो मरीजों के साथ असली व्यवहार कैसा होता होगा?” उन्होंने कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत अपमान का नहीं है, बल्कि यह इस बारे में भी है कि सरकारी सेवाओं में सुधार की कितनी जरूरत है।
स्वास्थ्य मंत्री को दी चेतावनी
हरीश धामी ने स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से यह भी कहा कि अगर पड़ोसी धारचूला जैसे सीमांत क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो वह इसके प्रति एहतियात बरतें। उन्होंने मांग की कि यदि कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो उन्हें मजबूरन स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होना पड़ेगा।
नौकरियों में सुधार का समय
विधायक ने यह भी कहा कि अस्पतालों में ऐसे कर्मचारियों की पहचान की जानी चाहिए, जो अपने कार्य को सही तरीके से नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “ऐसी महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए जिनके संबंध में बार-बार मरीजों से शिकायत आती रहती है। यदि कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो मैं मजबूरी में धरना दूंगा।”
अधिकारियों को किया सूचित
उन्होंने अपने इस मामले की जानकारी सीएमओ और जिला अधिकारी को भी दी है, ताकि इस विषय पर उचित कार्रवाई की जा सके।
इसके साथ ही, इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अधिकारियों द्वारा अपने कार्य को निपटाने के दृष्टिकोण को फिर से सोचने की जरूरत को उजागर किया है। जनता के प्रति ऐसी अवहेलना ही सर्डर की मुश्किलों को और बढ़ा रही है।
इस तरह की घटनाएं, जहां जनप्रतिनिधि का सम्मान नहीं किया जाता, यह दर्शाती हैं कि सुधार की कितनी आवश्यकता है। हर कोई इन मुद्दों पर विचार करे और न केवल बात करे, बल्कि बदलाव लाने के लिए कदम उठाए। इस विषय पर और जानकारी के लिए, आप PWC News पर जा सकते हैं।
टीम PWC न्यूज की ओर से, नैना शर्मा
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