महक भान का आर्टवर्क मिशन: उभरते भारतीय कलाकारों को पहचान दिलाने का प्रयास

शहर की आर्टप्रेन्योर महक भान का सेक्टर 10 वाला घर कला प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। उनके खूबसूरती से सजाए गए बड़े से घर में जी.आर. इरन्ना की बड़ी पेंटिंग्स, सीमा कोहली की शानदार मूर्ति और उनके मशहूर ‘बैंडवाला’ कलेक्शन से कृष्ण खन्ना की कलाकृतियां मौजूद हैं। जैसे उनकी सेक्टर 11 […] The post महक भान के आर्टवर्क मिशन का मकसद उभरते हुए भारतीय कलाकारों को पहचान दिलाना appeared first on Khabar Sansar News.

Aug 22, 2026 - 00:53
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महक भान का आर्टवर्क मिशन: उभरते भारतीय कलाकारों को पहचान दिलाने का प्रयास

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कम शब्दों में कहें तो, महक भान का साझा लक्ष्य है उभरते भारतीय कलाकारों को एक मंच प्रदान करना और उन्हें पहचान दिलाना। चंडीगढ़ के सेक्टर 10 में स्थित उनका खूबसूरत घर कला प्रेमियों के लिए एक अद्भुत गंतव्य है।

महक भान, जो एक प्रसिद्ध आर्टप्रेन्योर हैं, ने चंडीगढ़ के कला परिदृश्य में नई जान फूंकी है। उनका सेक्टर 10 स्थित घर कला प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहाँ जी.आर. इरन्ना, सीमा कोहली और कृष्ण खन्ना जैसी प्रतिष्ठित कलाओं की कृतियाँ संजोई गई हैं। जैसे ही आप उनके घर में प्रवेश करते हैं, कला की एक विशेष भावना आपको सुकून देती है। वह जहां चुपचाप अपने हुनर को प्रदर्शित करती हैं, वहीं उनके पास एक शानदार आर्ट गैलरी भी है जो स्थानीय व उभरते कलाकारों को अपनी कला को प्रदर्शित करने का अवसर देती है।

महक का मानना है कि कला केवल वो नहीं है जो हम देखते हैं, बल्कि वो है जो हम दूसरों को दिखाते हैं। पिछले पाँच वर्षों में, उन्होंने चंडीगढ़ के नागरिकों को कला की नई दृष्टि से देखने के लिए प्रेरित किया है। महक ने ‘105 आर्ट्स’ की स्थापना की है, जिसे वह एक ‘कम्युनिटी स्पेस’ मानती हैं। उनका प्राथमिक उद्देश्य युवा कलाकारों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी कला का प्रदर्शन कर सकें और पहचान प्राप्त कर सकें।

महक का विचार है कि जमीनी स्तर पर काम करना आवश्यक है। उन्होंने अपने अनुभवों से सीखा है कि कला में विविधता और सबका समावेश होना चाहिए। उनका मानना है कि कई बार काल्पनिक करियर की ओर बढ़ने के लिए, स्थानीय स्तर पर काम करने वाले कलाकारों की पहचान सुनिश्चित करना ज़रूरी है।

“हर तरह की कला के लिए बाज़ार मौजूद है,” महक कहती हैं। उन्हें लोगों के प्रतिक्रियाओं से ज़रूर आश्चर्य होता है, खासकर जब वे जानते हैं कि कोलकाता के प्रसिद्ध कलाकार अविजीत दत्ता के काम के लिए लोग अपनी आर्थिक सीमाएँ तोड़ने के लिए तैयार थे। वह हमेशा नई कलाकारों से उनका सर्वश्रेष्ठ खरीदने की सलाह देती हैं, बिना बजट के पार जाने की।

महक भान ने यह समझा है कि कला की मात्रा को समझना जरूरी है, लेकिन वह इसे कभी भी केवल एक व्यापारिक दृष्टिकोण से नहीं देखतीं। वह अपनी कला के माध्यम से समाज को कुछ वापस देने का अपने तरीके के रूप में देखती हैं। हाल ही में, उन्होंने ‘Exhibit 320’ में ‘Mool’ नामक प्रदर्शनी का आयोजन किया था, जो पारंपरिक कला को आधुनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है।

कला की क्षेत्रीय धरोहर और उसकी प्रगति

महक का मानना है कि चंडीगढ़ की आर्किटेक्चरल विरासत का सम्मान होना चाहिए। वह दूसरे शहरों की गैलरियों के परिप्रेक्ष्य में देखना सही नहीं समझतीं। “हमें अपनी मिसाल खुद कायम करनी होगी,” वह कहती हैं। पंजाब कला का गढ़ रहा है और यहाँ अमृता शेर-गिल से लेकर अन्य महान कलाकारों ने ही अपनी पहचान बनाने में मदद की है।

महक इस बात पर जोर देती हैं कि कला के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य केवल सरकार का नहीं है, बल्कि यह समाज के हर व्यक्ति की ज़िम्मेदारी है। उनके दोस्त भी उन्हें इस राह में सहयोग करते हैं।

हालांकि, उनकी आगामी प्रदर्शनी में एक इंस्टॉलेशन भी शामिल है, लेकिन उनकी अन्य प्रदर्शनियों का केंद्र बिंदु पेंटिंग्स हैं। वह कहती हैं, “चंडीगढ़ जैसे नए बाज़ार के लिए कैनवस से शुरुआत करना सबसे अच्छा है।” उनके अनुसार, कला केवल सुंदरता और खुशी का साधन नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी है, जिसमें ‘105 Arts’ की टैगलाइन ‘हमारे साथ खुशी का अपना रंग खोजें’ स्पष्ट रूप से निहित है।

नवीनताएँ और आर्थिकी

महक भान, एक साथ चार विभिन्न भाषाओं में ‘Ember. Deep. Charāgh. Loa.’ प्रदर्शनी लॉन्च करने का प्रयास कर रही हैं। यह प्रदर्शनी चार शब्दों के माध्यम से कला की विविधता दर्शाती है। विभिन्न कलाकार अपनी अनोखी दृष्टि के साथ प्रदर्शनी में भाग ले रहे हैं, जिनमें गुरमीत मारवाह, शुभ्रा दास, कमर आलम और चैताली चंदा शामिल हैं।

कमर आलम की चित्रकला साधु, नावों और पेड़ों को दर्शाती है, जो शांति का अहसास कराती है। वहीं, गुरमीत मारवाह अपने व्यंग्यात्मक कला के माध्यम से समाज का आईना दिखाते हैं। शुभ्रा दास के काम को नाज़ुक और मनमोहक कहा जा सकता है, जबकि चैताली चंदा रंगीनता और जीवंतता से कोलकाता के वातावरण को प्रस्तुत करती हैं।

स्थानीय कलाकारों को मंच देना महक भान का प्राथमिक उद्देश्य है। वह हमेशा कहते हैं, “भारत में कला केवल एक भाषा तक सीमित नहीं रह सकती।” इस तरह वह अपने मिशन के माध्यम से सभी उभरते कलाकारों को पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

इसके अलावा, महक का मानना है कि कला की खुशबू फैलाने की जिम्मेदारी हर व्यक्ति की होनी चाहिए। वह हर प्रकार की कला प्रमाणित करने में विश्वास रखती हैं, और यह सुनिश्चित करती हैं कि उभरते हुए कलाकारों को कला की दुनिया में एक उचित पहचान मिले।

अंततः, महक भान का आर्टवर्क मिशन निश्चित रूप से कला क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान कर रहा है। उनके प्रयासों से उभरते कलाकारों को पहचान मिलेगी और वे अपनी कला के माध्यम से लोगों के दिलों में स्थान बना सकेंगे।

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सादर, नेहा शर्मा
Team PWC News

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