मुख्यमंत्री धामी द्वारा उत्तरकाशी में विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव का उद्घाटन

शीतकालीन चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को वर्षभर रोजगार...

Jan 15, 2026 - 09:53
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मुख्यमंत्री धामी द्वारा उत्तरकाशी में विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव का उद्घाटन

मुख्यमंत्री धामी द्वारा उत्तरकाशी में विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव का उद्घाटन

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तरकाशी में शीतकालीन चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक महत्वपूर्ण विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया है। यह कॉन्क्लेव तीन दिनों तक चलेगा और इससे स्थानीय युवाओं को सालभर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने यह उद्घाटन कार्यक्रम बुधवार को किया, जिससे शीतकालीन पर्यटन को एक नई दिशा देने का प्रयास किया गया है। इस कार्यक्रम में एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया का सहयोग भी शामिल था, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से 50 टूर ऑपरेटर्स ने भाग लिया।

कॉनक्लेव की गतिविधियाँ

कॉनक्लेव में राज्य स्तर से 50 और स्थानीय स्तर से भी 50 टूर ऑपरेटर्स ने भाग लिया। इस आयोजन में होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी और बड़कोट, ट्रेकिंग संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रियता दिखाई। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के वर्षभर पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।

इस कार्यक्रम के तहत, मां गंगा का शीतकालीन प्रवास मुखबा एवं मां यमुना का खरसाली और केदारकांठा ट्रैक बेस कैम्प का भ्रमण देशभर के टूर ऑपरेटर्स करेंगे। इससे शीतकालीन टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।

मुख्यमंत्री का संबोधन

मुख्यमंत्री धामी ने विंटर टूरिज्म कान्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक औपचारिक संवाद नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन को नई दिशा देने का एक साझा प्रयास है। उन्होंने कहा, "बड़े शहरों में प्रदूषण, बढ़ते तापमान और तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए उत्तराखंड एक 'नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन' बन सकता है।"

उन्होंने टूर ऑपरेटर्स की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि अब हमें उत्तराखंड को केवल चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं रखना चाहिए। हमें इसे 12 महीने का पर्यटन राज्य बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इससे पहाड़ों में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और स्थानीय लोगों का पलायन कम होगा।

स्थानीय विकास और रोजगार

मुख्यमंत्री ने स्थानीय रोजगार के लिए कई योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "पर्यटन का मतलब केवल बड़े होटल नहीं है। स्थानीय महिलाएं जब होम स्टे चलाएंगी, और युवा ट्रेकिंग गाइड बनेंगे, तभी पर्यटन का वास्तविक लाभ होगा।" इस उद्देश्य से सरकार ने होम स्टे नीति को सरल किया है और स्थानीय गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है।

मुख्यमंत्री ने पर्यावरण और संस्कृति के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा, "हम विकास चाहती हैं, लेकिन विनाश की कीमत पर नहीं। हमें पर्यावरण की सुरक्षा करनी चाहिए और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए।"

मुख्यमंत्री ने सभी टूर ऑपरेटर्स से आग्रह किया कि वे उत्तरकाशी, चमोली, औली, मुनस्यारी, और सीमांत गांवों को अपने पर्यटन पैकेज में शामिल करें। उन्होंने सरकार की तरफ से पर्यटन के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

निवेशकों को आमंत्रण

मुख्यमंत्री ने युवाओं और निवेशकों को संदेश देते हुए कहा कि उत्तराखंड अब निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। "यहां पर्यटन केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि रोजगार का सबसे बड़ा इंजन है," उन्होंने कहा।

इस मौके पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, और अन्य प्रमुख नेता एवं अधिकारी उपस्थित थे। इस पहल से उम्मीद है कि उत्तरकाशी में पर्यटन गतिविधियाँ तेजी से बढ़ेंगी और स्थानीय विकास को एक नई गति मिलेगी।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बारे में और अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहाँ पर जाएं।

टीम PWC न्यूज | राधिका नायर

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