मकर संक्रांति पर भूलकर भी न करें ये 5 गलती, वरना रुक सकती है बरकत!

भारतीय संस्कृति में स्त्री को सदैव लक्ष्मी स्वरूपा माना गया है। मान्यता है कि विवाह के बाद जब नई दुल्हन घर में प्रवेश करती है, तो वह सौभाग्य, समृद्धि और खुशहाली लेकर आती है। हिंदू धर्म में विशेष पर्वों पर महिलाओं द्वारा किए गए कुछ शुभ कार्य पूरे परिवार को मां लक्ष्मी का आशीर्वाद दिलाते […] The post मकर संक्रांति पर भूलकर भी न करें ये गलती, वरना रुक सकती है बरकत! appeared first on Khabar Sansar News.

Jan 15, 2026 - 09:53
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मकर संक्रांति पर भूलकर भी न करें ये 5 गलती, वरना रुक सकती है बरकत!

मकर संक्रांति पर भूलकर भी न करें ये 5 गलती, वरना रुक सकती है बरकत!

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कम शब्दों में कहें तो, मकर संक्रांति का पर्व भारतीय संस्कृति में बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन यदि कुछ विशेष बातों का ध्यान न रखा जाए तो परिवार की समृद्धि प्रभावित हो सकती है। आइए जानते हैं उन 5 गलतियों के बारे में जिनसे बचना आवश्यक है।

भारतीय संस्कृति में स्त्री की भूमिका

भारतीय संस्कृति में महिला को लक्ष्मी स्वरूपा कहा जाता है। यह मान्यता है कि जब एक नई दुल्हन विवाह के बाद अपने पति के घर में कदम रखती है, तो वह सौभाग्य, समृद्धि और खुशहाली लेकर आती है। इस पर्व पर विशेष शुभकार्य महिलाओं द्वारा किए जाते हैं, जो पूरे परिवार को मां लक्ष्मी का आशीर्वाद दिलाते हैं।

मकर संक्रांति 2026: विशेष तिथि

मकर संक्रांति इस वर्ष 14 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी, जो एकादशी तिथि के साथ पड़ रही है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन महिलाओं द्वारा किए गए धार्मिक कर्म अत्यंत फलदायी माने जाते हैं। इस दिन किए गए अच्छे कार्यों का फल पूरे वर्ष भर की भलाई के लिए लाभदायक होता है।

स्नान का महत्व

इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में तिल मिलाकर स्नान करने का महत्व है। इससे न केवल शरीर बल्कि मन की भी शुद्धि होती है। नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है और मानसिक शांति बनी रहती है। यह महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष लाभदायक माना गया है।

क्या पहनें?

मकर संक्रांति के दिन पीले या नारंगी रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। ये रंग सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं और आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं। इससे एकाग्रता में वृद्धि होती है और नकारात्मक विचारों का प्रभाव कम होता है।

सूर्य पूजा का महत्व

सूर्य देवता की पूजा करने का विशेष महत्व इस दिन है। तांबे के लोटे में जल, रोली, अक्षत, फूल, और गुड़ मिलाकर अर्घ्य प्रस्तुत करना चाहिए। हालांकि, एकादशी होने के कारण तुलसी में जल अर्पित नहीं करना चाहिए।

भोज के लिए क्या बनाएं?

रसोई में गुड़ और तिल से बनी मिठाइयाँ बनानी चाहिए और भगवान को भोग लगाना चाहिए। इस दिन चावल का दान अवोइड करना चाहिए, इसलिए चावल की खिचड़ी न बनाएं। इसके बजाय, तिल, गेहूं, बाजरा और गुड़ का दान करें।

सुहाग सामग्री का दान

सुहागिन महिलाओं को हल्दी-कुमकुम लगाकर सुहाग सामग्री का दान करना चाहिए। इसके पीछे की मान्यता है कि इसका कर्म महिलाएँ अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।

इन विशेष बातों का ध्यान रखकर हम मकर संक्रांति का पर्व मनाएँ और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करें। अधिक जानकारियों के लिए यहाँ क्लिक करें.

सारांश: मकर संक्रांति पर भूलकर भी ये गलतियाँ ना करें, नहीं तो आपके परिवार की समृद्धि प्रभावित हो सकती है।

सादर,
संगीता देवी
Team PWC News

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