मुख्यमंत्री ने वर्चुअल उद्घाटन किया श्रीनगर बैकुंठ चतुर्दशी मेला और विकास प्रदर्शनी का

श्रीनगर गढ़वाल: श्रीनगर स्थित आवास विकास मैदान में आयोजित बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, नगर निगम श्रीनगर की मेयर आरती भंडारी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। मेयर ने मुख्यमंत्री को आभासी […] The post श्रीनगर बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने वर्चुअल रूप से किया उद्घाटन appeared first on Devbhoomisamvad.com.

Nov 4, 2025 - 18:53
 54  501.8k
मुख्यमंत्री ने वर्चुअल उद्घाटन किया श्रीनगर बैकुंठ चतुर्दशी मेला और विकास प्रदर्शनी का

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल उद्घाटन किया श्रीनगर बैकुंठ चतुर्दशी मेला और विकास प्रदर्शनी का

श्रीनगर गढ़वाल: श्रीनगर स्थित आवास विकास मैदान में आयोजित बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, नगर निगम श्रीनगर की मेयर आरती भंडारी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मेयर आरती भंडारी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें आभासी रूप में शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृतिचिह्न भेंट किया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने पारंपरिक ढंग से अतिथियों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर सभी को बैकुंठ चतुर्दशी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह मेला उत्तराखंड की प्राचीन परंपरा, आस्था और लोकसंस्कृति का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम भी है, जिससे पारंपरिक कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन मिलता है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए तत्पर है। बद्रीनाथ एवं केदारनाथ मास्टर प्लान के तहत पुनर्निर्माण कार्य एवं ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेललाइन निर्माण कार्य सभी योजनाएँ तेजी से प्रगति पर हैं और इस दिशा में व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की ओर इशारा किया, जिसमें रोडवेज बस स्टेशन में पार्किंग का निर्माण, अलकनंदा नदी के तट पर गंगा संस्कृति केंद्र की स्थापना, तथा नगर निगम का दर्जा प्राप्त करना शामिल है। उन्होंने कहा कि बिलकेदार एवं बेलकंडी क्षेत्र में नई टाउनशिप विकसित करने का कार्य भी प्रगति पर है।

साथ ही, उन्होंने कहा कि श्रीनगर गढ़वाल शिक्षा, संस्कृति और आध्यात्मिकता का केंद्र रहा है। बैकुंठ चतुर्दशी मेला यहां की ऐतिहासिक पहचान है, जिसे संरक्षित करना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस मेले का आयोजन हर वर्ग की सहभागिता को दिखाता है, जो सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐसे पारंपरिक मेलों को पूरे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिले।

राज्य के विकास प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंच रही है, जिससे जनसहभागिता एवं पारदर्शिता को बल मिलता है। उन्होंने स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यटन के क्षेत्र में नगर निगम के प्रयासों की सराहना की और इन्हें अनुकरणीय बताया।

मेयर आरती भंडारी ने मेले की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में श्रीनगर नगर क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य किए गए हैं। इनमें डंपिंग जोन को वेस्ट टू वंडर पार्क में परिवर्तित करना, पार्किंग एवं सामुदायिक भवन का निर्माण तथा स्ट्रीट लाइट व पोलों का सुदृढ़ीकरण शामिल हैं।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए भगवान कमलेश्वर महादेव को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक मेला समर्पण, आस्था एवं सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, जो केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस मेले में विभिन्न जनपदों के व्यापारी, शिल्पकार एवं स्वयं सहायता समूह भाग ले रहे हैं।

जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि मेले में कई नई गतिविधियाँ जोड़ी गई हैं, जैसे बेबी शो, फन गेम्स, पारंपरिक परिधानों की प्रदर्शनी, महिला स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएँ और विभिन्न विषयों पर गोष्ठियों का आयोजन। इससे कार्यक्रम अधिक आकर्षक बना है। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल आम जन को शासन की योजनाओं की जानकारी देने और लाभान्वित करने का कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम का आयोजन मेयर एवं नगर आयुक्त के सहयोग से गुब्बारे उड़ाकर मेले का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए महिला स्वयं सहायता समूहों से संवाद किया और उनके उत्पादों को भी खरीदा।

कार्यक्रम के समापन पर जिलाधिकारी तथा मेयर ने कमलेश्वर महादेव मंदिर में जाकर दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की और भगवान कमलेश्वर से लोककल्याण और समृद्धि की कामना की।

कार्यक्रम का मंच संचालन सरिता उनियाल एवं बबीता थपलियाल ने किया। इस अवसर पर नगर आयुक्त नूपुर वर्मा, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, बीडीओ यमकेश्वर दृष्टि आनंद, और अन्य कई अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कम शब्दों में कहें तो, बैकुंठ चतुर्दशी मेला न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था का भी प्रतिनिधित्व करता है। मुख्यमंत्री के प्रयासों से यह मेला आज के समय में और भी महत्वपूर्ण बन गया है। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News

For more updates, visit PWC News. सादर,
टीम PWC News
श्वेता रस्तोगी

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow