लालकुआं: बुक डिपो पर सरकारी छापा, स्कूलों पर मनमानी का आरोप और जीएसटी बिले न होने का खुलासा
रिपोर्टर गौरव गुप्ता। लालकुआं- गुरुवार को लालकुआं में उपजिलाधिकारी रेखा कोहली ने टीम के साथ लक्ष्मी बुक डिपो और गणेश बुक डिपो पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पाया गया कि एनसीईआरटी की पुस्तकों के अलावा विभिन्न निजी स्कूलों से संबंधित अन्य किताबें भी बेची जा रही थीं। उपजिलाधिकारी रेखा कोहली ने बताया कि मौके […] The post लालकुआं में बुक डिपो पर छापा: स्कूलों पर मनमानी का आरोप, बिना GST बिल के किताबें बेचने का खुलासा appeared first on Uttarakhand News Update.
लालकुआं: बुक डिपो पर सरकारी छापा, स्कूलों पर मनमानी का आरोप और जीएसटी बिले न होने का खुलासा
रिपोर्टर: सुषमा शर्मा
कम शब्दों में कहें तो, लालकुआं में उपजिलाधिकारी ने बुक डिपो पर की गई छापेमारी में कई गंभीर अनुशासनहीनता के मामले उजागर किए हैं। विशेष रूप से, स्थानीय स्कूलों द्वारा बच्चों के अभिभावकों को बिना जीएसटी की बिलिंग के किताबें खरीदने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया गया है। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News
गुरुवार को लालकुआं में उपजिलाधिकारी रेखा कोहली ने अपनी टीम के साथ लक्ष्मी बुक डिपो और गणेश बुक डिपो पर छापेमारी की। इस कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बुक डिपो की गतिविधियाँ सरकारी नियमों के अनुरूप हों।
छापेमारी के दौरान पाया गया कि केवल एनसीईआरटी की पुस्तकों के साथ-साथ कई निजी स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों को भी बेचा जा रहा था, जो कि स्थानीय अभिभावकों की चिंताओं को बढ़ाने वाला मामला था। उपजिलाधिकारी रेखा कोहली ने बताया कि इस मौके पर उपस्थित अभिभावकों से वार्तालाप किया गया।
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि विभिन्न स्कूलों ने उन्हें निर्देशित किया था कि उन्हें केवल लक्ष्मी और गणेश बुक डिपो से ही किताबें खरीदनी चाहिए। अभिभावकों का कहना है कि जब वे किताबें खरीदते हैं, तो उन्हें साधारण कागज पर रसीद मिलती है और जीएसटी उसे ध्यान में नहीं रखा जाता है। यह स्थिति छात्रों के लिए भारी आर्थिक बोझ बन रही है।
खासकर बीडीजे स्कूल, ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल, एचसीएम पब्लिक स्कूल, स्कॉलर हेवन पब्लिक स्कूल, होली ट्रिनिटी पब्लिक स्कूल और मीनाकपिल अकैडमी से जुड़े मामलों में ताजा जानकारी सामने आई है। इस सबके बीच, उपजिलाधिकारी ने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्य शिक्षा अधिकारी को अग्रिम कार्रवाई के लिए पत्र भेज दिया गया है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जाएगी और संबंधित स्कूलों और बुक डिपो के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों को विश्वास में लेकर अभिभावक शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता के लिए अपनी आवाज उठाना शुरू कर चुके हैं।
अभिभावकों के इस संघर्ष को समर्थन देने के लिए संघटन भी सक्रिय हो रहे हैं, और यह एक संकेत है कि उन्हें अपनी प्राथमिकताओं और अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए। उनके अनुसार, यह समय है जब सरकारी अधिकारी इन गंभीर मुद्दों पर ध्यान दें और स्थानीय स्कूलों तथा बुक डिपो की गतिविधियों को नियमित रूप से देखे।
ताजगी के साथ, प्रशासन को उम्मीद है कि इस मामले की प्रभावी जांच से ऐसे मतभेद खत्म होंगे और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रतिस्पर्धा की जा सकेगी। सरकार का उद्देश्य हर छात्र और उसके अभिभावक को समान अवसर देना है, जिससे सभी को उचित शिक्षा प्राप्त हो सके।
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टीम PWC न्यूज़
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