सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल: नवरात्रि में भक्ति, शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक
महानगर के अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने चैत्र नवरात्रि में भक्ति शक्ति एवं आत्मा विश्वास की नौ दिवसीय यात्रा 19 मार्च माँ शैलपुत्री की आराधना के साथ नवरात्रि का शुभारंभ हुआ। जीवन में स्थिरता और शक्ति का संकल्प लें। “नई शुरुआत, नई ऊर्जा के साथ 11 हजार कन्याओं का पूजन संकल्प लिया गया मां भगवती […] The post नवरात्रि में भक्ति, शक्ति और आत्मविश्वास की मिसाल बने सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल appeared first on Uttarakhand News Update.
सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल: नवरात्रि में भक्ति, शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक
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कम शब्दों में कहें तो: महानगर के अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने चैत्र नवरात्रि के उपलक्ष्य में 19 मार्च से नौ दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान 11,000 कन्याओं का पूजन करके उन्होंने भक्ति और शक्ति का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
महानगर के अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च को माँ शैलपुत्री की आराधना से की। इस नौ दिवसीय यात्रा में भक्ति शक्ति और आत्मा विश्वास को एक नया स्वरूप देने का संकल्प लिया गया। उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि नई शुरुआत के साथ जीवन में स्थिरता और शक्ति का संकल्प लें।
इस अवसर पर विशेष रूप से 11,000 कन्याओं का पूजन किया गया। सिद्धार्थ ने कहा, “माँ भगवती के आशीर्वाद से कार्यकर्ताओं के सहयोग से यह संभव हो सका है। हम सबको यह प्रार्थना करनी चाहिए कि माँ भगवती सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।”
नवरात्रि कार्यक्रम का विस्तार
नवरात्रि के दौरान विभिन्न वार्डों में सामूहिक कन्या पूजन का आयोजन किया गया। अष्टमी तथा नवमी के पूजन के साथ यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। सामाजिक संस्थाओं और मंदिरों से भी इस कार्य में सहयोग प्राप्त हुआ।
कन्या पूजन के कार्यक्रमों का आयोजन विभिन्न स्थानों पर किया गया, जैसे:
- 19 मार्च 2026: राज पैलेस, पटेल नगर, देहरादून
- 22 मार्च 2026: अटल पार्क, यमुना कॉलोनी, देहरादून
- 23 मार्च 2026: साधुराम इंटर कॉलेज, संगम विहार, देहरादून
- 24 मार्च 2026: शीतला माता मंदिर, हरबंस वाला
- 25 मार्च: हिंदू नेशनल स्कूल, लक्ष्मण चौक, देहरादून
- 26 मार्च: पंचायत भवन शिव मंदिर, कोलागढ़, देहरादून
मुख्यमंत्री का संदेश
इस नौ दिवसीय यात्रा के मुख्य अतिथि युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1100 कन्याओं का पूजन किया। उन्होंने कहा, “भारतीय संस्कृति में कन्या को देवी स्वरूप माना गया है और ऐसे आयोजन नारी सम्मान को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि जिस परिवार में बेटियों का सम्मान होता है वहाँ देवी देवताओं का वास होता है। उन्होंने सभी से यह संकल्प लेने का आग्रह किया कि हर बेटी को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिलना चाहिए।
सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल का दृष्टिकोण
कार्यक्रम के संयोजक सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने कहा, “यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि शक्ति, भक्ति और आत्मविश्वास का एक महान संदेश है।” उन्होंने माँ भगवती के आशीर्वाद से 11,000 कन्याओं के पूजन के संकल्प को पूरा करने की बात कही।
इस कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने मां भगवती के नौ रूपों की आराधना की, जिससे सभी को आशीर्वाद प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि, “प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की आराधना से जीवन में स्थिरता और शक्ति का संकल्प लेना चाहिए।”
कन्या पूजन के महत्व
कन्या पूजन की यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सामंती सोच को तोड़ने में भी सहायक है। जब समाज कन्याओं का सम्मान करेगा, तभी नारी की शक्ति और सामर्थ्य को पहचाना जा सकेगा।
इस कार्यक्रम में सांसद, विधायक, और कई प्रबुद्ध जन शामिल हुए। सभी ने इस अवसर पर मां भगवती के स्वरूपों की महिमा का वर्णन किया।
हम सभी को यह जानकारी रखना चाहिए कि इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक सुधार का भी एक माध्यम बनकर सामने आते हैं।
कुल मिलाकर, सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल की नवरात्रि यात्रा ने न केवल भक्ति और शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि समाज में नारी सम्मान को बढ़ावा देने का भी कार्य किया।
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जय माता दी!
Team PWC News
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