हरीश रावत ने बीजेपी से मांगे पाँच गंभीर सवाल
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं माननीय पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी ने उत्तराखंड भाजपा...
हरीश रावत ने बीजेपी से मांगे पाँच गंभीर सवाल
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कम शब्दों में कहें तो, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखंड भाजपा के खिलाफ पांच महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। ये सवाल भाजपा द्वारा फैलाए गए झूठों को लेकर हैं, और उनका उद्देश्य स्पष्टता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
कांग्रेसी नेता हरीश रावत ने भाजपा से सीधे संवाद करते हुए आश्वासन मांगा है कि वे इन सवालों का जवाब दें। उन्होंने एक बयान में कहा, “झूठ का शोर नहीं—सच का प्रमाण दो!”
भाजपा पर लगाए गए आरोप
रावत का आरोप है कि भाजपा उनके खिलाफ माला फेंककर झूठी बयानबाजी कर रही है। उनके द्वारा उठाए गए पाँच सवाल निम्नलिखित हैं:
1. पाकिस्तान का जासूस का आरोप
रावत ने पहले सवाल में पूछा कि उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाला और राष्ट्रद्रोही बताया जा रहा है। उन्होंने भाजपा से पूछा यह साबित करने के लिए प्रमाण मांगते हुए कि वे किस प्रकार के जासूस हैं।
2. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग
दूसरा सवाल रावत ने इसके बारे में उठाया कि भाजपा किस प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दुरुपयोग करके उनकी छवि बिगाड़ रही है। उन्होंने भाजपा के आईटी सेल को चुनौती दी कि वे यह सिद्ध करें कि भाजपा ने उनकी छवि को क्यों गलत तरीके से प्रस्तुत किया है।
3. झूमे की नमाज़ पर आरोप
रावत ने तीसरे सवाल में भाजपा पर आरोप लगाया कि 2017 में उनकी सरकार पर यह आरोप लगाया गया था कि उन्होंने शुक्रवार की नमाज़ के लिए सरकारी कार्यालयों में सार्वजनिक छुट्टी दी है, जो कि एक झूठ है। उन्हें इस बात का प्रमाण देने के लिए कहा गया कि ऐसी कोई छुट्टी नियमित रूप से लागू की गई थी।
4. मुस्लिम यूनिवर्सिटी का मामला
चारवें सवाल में, उन्होंने 2022 के चुनावों में भाजपा द्वारा फैलाए गए इस झूठ की बात की कि कांग्रेस मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाएगी। रावत ने पूछा कि भाजपा उनके किसी सार्वजनिक बयान का प्रमाण क्यों नहीं दिखा पाई है।
5. डेमोग्राफिक बदलाव
अंतिम सवाल में, रावत ने मुख्यमंत्री के डेमोग्राफिक बदलावों के बारे में बार-बार की गई टिप्पणियों पर सवाल उठाया। उन्होंने मांग की कि सरकार इस बदलाव के सुबूत पेश करे और यह स्पष्ट करे कि कितने बांग्लादेशी घुसपैठिए राज्य में पाए गए हैं।
रावत का आज का यह कदम दिखाता है कि वे राज्य में चल रही राजनीतिक गहमा-गहमी के प्रति कितने गंभीर हैं। उनके सवाल केवल उन झूठों को उजागर करने के लिए नहीं हैं, बल्कि वे भाजपा सरकार की नीतियों की पारदर्शिता के लिए भी हैं।
इसके साथ ही, उन्होंने भाजपा से यह भी आग्रह किया कि वे सार्वजनिक मंच पर सब कुछ स्पष्ट करें। यह जरूरी है ताकि जनता का विश्वास बहाल हो सके।
भविष्य में, यह देखना होगा कि भाजपा इन सवालों का किस प्रकार जवाब देती है और क्या रावत के सवाल वाकई किसी दिशा में उत्तर पाएंगे।
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इस विषय पर आगे बढ़ते हुए, hडरएक तरफ हरीश रावत का यह कदम निश्चित रूप से उत्तराखंड की राजनीतिक स्थिति में नई धार पैदा करेगा। उनकी कोशिशें यह भी दर्शाती हैं कि वे पारदर्शिता और सार्वजनिक उत्तरदायित्व को लेकर कितने गंभीर हैं।
सादर,
Team PWC News
अंजलि शर्मा
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