हल्द्वानी में किताबों की दुकानों पर छापे, शिक्षा की गुणवत्ता पर उठे सवाल!
खबर संसार हल्द्वानी।हल्द्वानी में कॉपी किताबों कि दुकानों पर प्रसाशन के10 पर छापे,12 छोड़े? रिजल्ट निल बट्टा संन्नाटा! जी हा बच्चों के स्कूल खुल गए है माता पिता की जेब भी खुलने लगी है कही कही तो फटने लगी है कहने में कोई अतिश्योक्ति नहीं, फिलहाल सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई एसडीएम प्रमोद पाण्डेय, तहसीलदार कुलदीप […] The post हल्द्वानी में कॉपी किताबों कि दुकानों पर प्रसाशन के10 पर छापे,12 छोड़े? रिजल्ट निल बट्टा संन्नाटा! appeared first on Khabar Sansar News.
हल्द्वानी में किताबों की दुकानों पर छापे, शिक्षा की गुणवत्ता पर उठे सवाल!
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कम शब्दों में कहें तो, हल्द्वानी में कॉपी किताबों की दुकानों पर प्रशासन की छापेमारी के बाद स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। यहाँ पर माता-पिता की जेबें खुलने लगी हैं और कई दुकानों पर किमतें तीन गुना तक बढ़ गई हैं। यह मामला प्रशासन के लिए एक बड़ा चुनौती बन गया है।
हाल ही में, सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, एसडीएम प्रमोद पाण्डेय और तहसीलदार कुलदीप पाण्डेय ने संयुक्त रूप से तीन टीमों का गठन किया और रविवार को हल्द्वानी में दस दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान खुलासा हुआ कि कुछ स्कूल एनसीईआरटी की किताबों की जगह महंगी पुस्तकों के लिए पर्चियाँ जारी कर रहे हैं, जिसमें छात्र-छात्राओं को अधिक शुल्क देना पड़ रहा है।
छापेमारी की मुख्य बातें
इस कार्रवाई में वर्धमान बुक डिपो, पूरनमल एंड संस बुक डिपो, कॅरिअर जोन पीलीकोठी, मंगलपड़ाव में पूरनमल बुक डिपो, दीक्षा बुक डिपो व टुडे बुक डिपो समेत कुल दस दुकानों और गोदामों की छानबीन की गई। प्रशासन ने बुक सेलर्स से पुस्तकों की सूची और रेट लिस्ट प्राप्त की और उस पर गहनता से जांच की।
नीति निर्माताओं की अध्ययन में भिन्नता देखने को मिली, क्योंकि कुछ अभिभावकों ने शिकायत की कि विशेष दुकानों में बिक्री हुई किताबों के लिए उन्हें खास स्लिप दी गई थी। यह स्थिति शिक्षा विभाग के लिए एक चिंता का विषय बन गई है।
इस छापेमारी के दौरान बीईओ गीतिका जोशी, सहायक आयुक्त अश्वनी सिंह, गौतम भंडारी, कुंदन पांगती तथा अन्य अधिकारियों ने भी निरीक्षण में भाग लिया। टीम ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा से अधिकृत पुस्तकों के रैंडम सैंपल भी लिए हैं, जिन्हें जांच हेतु मुख्य शिक्षा अधिकारी के पास भेजा जाएगा।
क्या हैं अगले कदम?
शिक्षा विभाग को इन मामलों में नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों के लिए उचित इंतजाम सुनिश्चित करने की भी हिदायत दी गई है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी छात्रों को आवश्यक सामग्री उचित मूल्य पर उपलब्ध हो ताकि कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रह जाए।
शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए यह छापेमारी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, हालांकि अभी भी चुनौती बनी हुई है कि क्या प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल पाएगा।
प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी भी इसे साकार करने में निर्णायक हो सकती है। शिक्षा की गुणवत्ता और कीमतों पर नियंत्रण आवश्यक है ताकि हर बच्चे को उचित और आर्थिक रूप से सस्ती शिक्षा मिल सके।
अभिभावकों को भी सजग रहना होगा और यदि उन्हें गलत प्रथाओं का सामना करना पड़े तो तुरंत प्रशासन से संपर्क करना चाहिए।
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टीम PWC News, प्रियंका शर्मा
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