UPI ट्रांजैक्शन मार्च में रिकॉर्ड लेवल पर, ₹24 लाख करोड़ पर पहुंचा, जानें हर रोज कितना रहा औसत लेन-देन
रिकॉर्ड तोड़ने वाला यूपीआई लेनदेन, पिछले साल की तुलना में मूल्य में 25 प्रतिशत की वृद्धि और मात्रा में 36 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है, जो भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति की अजेय गति को दर्शाता है।

UPI ट्रांजैक्शन मार्च में रिकॉर्ड लेवल पर, ₹24 लाख करोड़ पर पहुंचा
मार्च 2023 में, भारत की परिष्कृत डिजिटल भुगतान प्रणाली, UPI (Unified Payments Interface), ने एक नई मील का पत्थर स्थापित किया। इस महीने के दौरान, UPI लेन-देन का कुल मूल्य ₹24 लाख करोड़ तक पहुँच गया, जो एक अभूतपूर्व ऊंचाई है। यह न केवल भारत में डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे भारतीय उपभोक्ता अब तकनीकी नवाचारों का स्वागत कर रहे हैं।
हर रोज़ कितना रहा औसत लेन-देन?
मार्च में औसत दैनिक UPI लेन-देन का आंकड़ा ₹78,000 करोड़ पर पहुँच गया। ये आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि भारतीय समाज अपनी वित्तीय लेन-देन के लिए डिजिटल रूपों को अपनाने में पूरा विश्वास रखता है। UPI द्वारा किए गए लेन-देन की संख्या भी वृद्धि कर रही है, जिससे यह प्रणाली रोज़मर्रा के जीवन का अविभाज्य हिस्सा बन गई है।
UPI की लोकप्रियता का कारण
UPI की बढ़ती लोकप्रियता के कई कारण हैं। सबसे पहले, इसकी सरलता और सक्रियता है, जिससे उपभोक्ता आसानी से लेन-देन कर सकते हैं। इसके अलावा, UPI में सुरक्षा और सुविधा का एक अद्वितीय संयोजन है। सरकार द्वारा दी गई प्रोत्साहन योजनाएं और विभिन्न बैंक ऑफ़र ने भी इस प्रणाली को वास्तविकता में बदलने में मदद की है।
आने वाले समय में UPI का विकास
भविष्य में, UPI का दायरा और व्यापक होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में डिजिटल भुगतान का यह माध्यम और अधिक उपयोगी और सुविधाजनक बनेगा। इसके तहत, नए फीचर्स का समावेश, जैसे कि QR कोड आधारित भुगतान, NFC तकनीक, और अधिक के लिए संभावनाएँ खुल रही हैं।
UPI ट्रांजैक्शन के इस महा रिकॉर्ड पर अपडेट और ज़्यादा जानकारी के लिए, कृपया PWCNews.com पर विजिट करें।
News by PWCNews.com Keywords: UPI ट्रांजैक्शन मार्च 2023, UPI लेन-देन रिकॉर्ड, डिजिटल भुगतान भारत, हर रोज़ UPI लेन-देन, ₹24 लाख करोड़ UPI, UPI का विकास, UPI की लोकप्रियता, डिजिटल भुगतान का भविष्य, UPI उपयोग के लाभ, UPI प्रणाली में सुधार
What's Your Reaction?






