उत्तराखंड: सरस फूड फेस्टिवल ने ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को मजबूती दी
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने की 1 करोड़ से अधिक की बिक्री, स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा…
उत्तराखंड: सरस फूड फेस्टिवल ने ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को मजबूती दी
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित सरस फूड फेस्टिवल ने ग्रामीण महिलाओं के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया है, जिसमें उन्होंने 1 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री की।
महिलाओं का आत्मनिर्भरता की ओर कदम
सरस फूड फेस्टिवल 2026 में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे अपनी मेहनत और कुशलता के बल पर किसी भी लक्ष्य को पा सकती हैं। इस फेस्टिवल में महिलाओं ने न केवल अपनी उत्पादों की बिक्री की, बल्कि स्थानीय कलाकारों के सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
1 करोड़ रुपये की बिक्री
डिप्टी कमिश्नर अनीता पंवार के अनुसार, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने 1 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री की, जो कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अपने आप में एक इतिहास रचने जैसा है। इस फेस्टिवल ने उन महिलाओं को एक मंच दिया है, जो अपने स्थानीय उत्पादों को बाजार में लाना चाहती थीं।
स्थानीय संस्कृति को प्रोत्साहन
फेस्टिवल के दौरान, स्थानीय कलाकारों ने अपने प्रदर्शन के जरिए दर्शकों का मन मोह लिया। भक्ति गीतों से लेकर लोक नृत्य तक, इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों का ध्यान खींचा। यह न केवल एक व्यापारिक प्लेटफॉर्म था, बल्कि सांस्कृतिक समृद्धि को भी प्रदर्शित करने का अवसर था।
महिलाओं के लिए नए अवसर
नोडल अनीता पंवार ने बताया कि इस फेस्टिवल के माध्यम से कई महिलाएं 'लखपति' बनने के बाद अब 'करोड़पति' बनने की ओर अग्रसर हैं। यह साक्षात एक परिवर्तन है जो दिखाता है कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं किस प्रकार से अपने सपनों को साकार कर सकती हैं।
सरकार और संगठनों की भूमिका
सरकार और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों ने इस फेस्टिवल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण, संसाधन और मार्केटिंग के अवसर प्रदान किए हैं।
निष्कर्ष
उपरोक्त सभी पहलुओं को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि सरस फूड फेस्टिवल एक ऐसे मंच के रूप में उभरा है जो ग्रामीण महिलाओं के लिए न केवल आजीविका का साधन है, बल्कि उनके आत्म-सम्मान और आत्म-विश्वास को भी बढ़ाता है।
फर्मामेटिक इंडिया और अन्य स्थानीय कंपनियों से भी इस फेस्टिवल में सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे महिलाओं को अपने उत्पादों को और अधिक बढ़ावा देने का अवसर मिला।
फेस्टिवल का अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह था कि यह केवल व्यवसायिक अवसर नहीं था, बल्कि यह एक सामाजिक पहल भी थी जो ग्रामीण समुदायों की एकता और सहयोग का प्रतीक बनी।
सरस फूड फेस्टिवल न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक दृष्टि से भी ग्रामीण महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने में सहायक है।
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सादर,
टीम PWC न्यूज़
सिमा शर्मा
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