टनकपुर में रामलीला का धूमधाम से आगाज, नारद मोह की लीला ने सबका मन मोह लिया
नवयुवक रामलीला कमेटी में पालिकाध्यक्ष विपिन कुमार ने किया शुभारंभ, ज्ञानखेड़ा में एसडीएम प्रमोद कुमार ने भगवान श्रीराम की आरती
टनकपुर में रामलीला का धूमधाम से आगाज, नारद मोह की लीला ने सबका मन मोह लिया
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कम शब्दों में कहें तो, टनकपुर में नवयुवक रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला का शुभारंभ पालिकाध्यक्ष विपिन कुमार ने किया, जिसमें एसडीएम प्रमोद कुमार ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी।
टनकपुर/चम्पावत: शारदीय नवरात्र के पहले दिन, टनकपुर नगर और इसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में रामलीला मंचन का शानदार आगाज हुआ। इस अवसर पर नवयुवक रामलीला कमेटी ने अपनी प्रस्तुति द्वारा भक्तों का मन मोह लिया।
शुभारंभ समारोह का आयोजन
रामलीला मंचन का आयोजन नवयुवक रामलीला कमेटी द्वारा किया गया है, जिसमें प्रमुख अतिथि के रूप में पालिकाध्यक्ष विपिन कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने रामलीला का विधिवत शुभारंभ करते हुए कहा कि इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल धार्मिक मूल्यों को उजागर करना है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारा भी स्थापित करना है।
एसडीएम प्रमोद कुमार का समर्पण
इस समारोह के दौरान, ज्ञानखेड़ा में एसडीएम प्रमोद कुमार ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी और रामलीला की आरंभिक लीला 'नारद मोह' का भी अनावरण किया। उनका कहना था कि रामलीला जैसे आयोजनों से हमारी संस्कृति और परंपराएं जिंदा रहती हैं। उन्होंने इस मौके पर उपस्थित सभी भक्तों को शुभकामनाएं दीं।
धार्मिक उल्लास और श्रद्धा का माहौल
इस रामलीला के मंचन का आयोजन धार्मिक उल्लास और श्रद्धा के साथ किया गया। इस अवसर पर नगर के लोगों में खासा उत्साह देखा गया, जहां सैकड़ों दर्शकों ने राम लीला का आनंद लिया। इसमें युवा, वृद्ध और बच्चे सभी शामिल हुए, जो इस दिव्य समारोह का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक थे।
नवरात्र का महत्व
नवरात्र का महीना सिर्फ धार्मिक उत्सव के लिए नहीं है, बल्कि यह हमें भारतीय संस्कृति के महत्व को भी समझाता है। इस दौरान, लोग अपने दैनिक जीवन में भक्ति, सादगी और नवीकरण का अनुभव करते हैं। यह समय है जब भक्त अपनी आस्था को और प्रगाढ़ करते हैं।
समापन टिप्पणी
टनकपुर में रामलीला का यह आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता को भी बढ़ावा देता है। हमारे समाज में इस तरह के आयोजन आवश्यक हैं, ताकि हम अपनी विरासत को संजोए रखें और अगली पीढ़ी को भी इसका महत्व समझा सकें।
इस प्रकार, टनकपुर ने रामलीला के मंचन के माध्यम से न केवल धार्मिकता को पुनर्स्थापित किया है, बल्कि अपने सांस्कृतिक गौरव को भी इस आयोजन के द्वारा जीवित रखा है।
गहनता से समझने के लिए और रामलीला जैसे अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के बारे में अधिक जानने के लिए, यहां क्लिक करें.
सादर,
आराध्या कुमारी
Team PWC News
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