कांग्रेस का बदरीनाथ केदारनाथ पूजा शुल्क वृद्धि पर विरोध, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

पूर्व महानगर कांग्रेस अध्यक्ष लालचन्द शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसजनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने चारधाम...

Mar 10, 2026 - 09:53
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कांग्रेस का बदरीनाथ केदारनाथ पूजा शुल्क वृद्धि पर विरोध, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

कांग्रेस का बदरीनाथ केदारनाथ पूजा शुल्क वृद्धि पर विरोध, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

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कम शब्दों में कहें तो, कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने बद्रीनाथ और केदारनाथ में पूजा शुल्क की वृद्धि के खिलाफ राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है।

पूर्व महानगर कांग्रेस अध्यक्ष लालचंद शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने चारधाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ तथा केदारनाथ धाम में विशेष पूजा शुल्क वृद्धि के मुद्दे पर पुनर्विचार करने तथा केदारनाथ में सोने और दंड चोरी की जांच की मांग को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट, देहरादून को महामहिम राज्यपाल के नाम से ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा चारधाम यात्रा के दौरान विशेष पूजा-अर्चना शुल्क में वृद्धि से श्रद्धालुओं के बीच असंतोष व्याप्त है। बताया गया कि यह यात्रा आस्था, श्रद्धा एवं सनातन परंपरा का प्रतीक है, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन हालात में यात्रा करते हैं। अतः विशेष पूजा शुल्क की जबर्दस्त वृद्धि करना श्रद्धालुओं के लिए एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना है।

आर्थिक दृष्टि से संवेदनशील मुद्दा

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर पूजा और अर्चना की व्यवस्था आम श्रद्धालुओं की पहुँच में रहनी चाहिए। अत्यधिक शुल्क निर्धारण से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के श्रद्धालु विशेष पूजा से वंचित हो सकते हैं, जो कि सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं है।

चोरी के मामलों पर खामोशी

श्री केदारनाथ धाम में धर्म दंड चोरी के मामले को उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह मामला पहले भी सामने आया था जहां सोना चोरी हुआ था, परंतु इन दोनों मामलों पर मंदिर समिति खामोश है। इन घटनाओं को सनातन धर्म की आस्था का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।

कांग्रेस की मांगें

कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों में कहा कि:

  1. विशेष पूजा शुल्क वृद्धि के निर्णय पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए।
  2. शुल्क निर्धारण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
  3. स्थानीय जनता, तीर्थ पुरोहितों एवं श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर सहमति से निर्णय लिया जाए।
  4. सभी चोरी के मामलों की निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए उपरोक्त मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए ताकि लोगों की आस्था बनी रहे।

प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक राजकुमार, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, वीरेन्द्र पोखरियाल, सुरेश कुमार, सुन्दर सिंह पुडीर, संजय शर्मा (एडवोकेट), राहुल प्रताप लक्की आदि शामिल थे।

अधिक जानकारी के लिए, यहां क्लिक करें.

इस प्रकार, कांग्रेस ने श्रद्धालुओं की आस्था को सम्मान देते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, और अब देखना होगा कि इस पर शासन प्रशासन क्या प्रतिक्रिया करता है।

सादर,
टीम PWC News, सुषमा शर्मा

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