चम्पावत: बकोड़ा में सड़क निर्माण का इंतजार जारी, घायल किसान को कंधों पर ले जाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल

चम्पावत। जिले को मॉडल जिला बनाने के दावों के बीच दूरस्थ ग्राम पंचायत बकोड़ा से सामने आई तस्वीरें जमीनी हकीकत

Aug 23, 2026 - 00:53
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चम्पावत: बकोड़ा में सड़क निर्माण का इंतजार जारी, घायल किसान को कंधों पर ले जाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल

चम्पावत: बकोड़ा में सड़क निर्माण का इंतजार जारी

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कम शब्दों में कहें तो, चम्पावत जिले के बकोड़ा गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव ने ग्रामीणों की जिंदगी को कठिन बना दिया है। हाल ही में एक घायल किसान को कंधों पर ले जाने की घटना ने जमीनी हकीकत को उजागर किया है।

चम्पावत। जिले को मॉडल जिला बनाने के दावों के बीच, ग्राम पंचायत बकोड़ा की तस्वीरें ये दर्शा रही हैं कि विकास की बातें केवल कागजों तक सीमित हैं। यहां के ग्रामीण आज भी सड़क की कमी के कारण जूझ रहे हैं। जब भी कोई व्यक्ति घायल होता है, तब गांववाले उसे कंधों पर उठाकर कठिन पहाड़ी रास्तों से मोटर मार्ग तक ले जाने के लिए मजबूर हो जाते हैं।

घायल किसान की दर्दनाक स्थिति

हाल ही में गांव के एक किसान के घायल होने पर जब ग्रामीण उसे मोटर मार्ग तक पहुँचाने के लिए जुटे, तो उनकी मेहनत और समाजिक एकता की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। ग्रामीणों ने डंडे और अस्थायी तंत्र का सहारा लेकर इस किसान को पैदल मोटर मार्ग तक पहुँचाया। यह घटना न केवल मानवता की अद्भुत मिसाल है, बल्कि यह बताती है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही कितना बड़ा खतरा बन सकती है।

रूके हुए विकास कार्य

विकास कार्यों के दावे और उनकी वास्तविकता का बड़ा अंतर बकोड़ा में स्पष्ट दिखता है। यहां के लोगों का कहना है कि उन्हें कई बार स्थानीय प्रशासन से सड़क निर्माण के संबंध में आश्वासन मिला, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। इस मामले में प्रशासन को तुरंत कड़ा कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीणों को भविष्य में ऐसी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों का संघर्ष

ग्रामीणों द्वारा सड़क निर्माण की मांग पिछले कई सालों से उठाई जा रही है। हालांकि, अब तक कोई भी उचित पहल नहीं की गई है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर सड़क की सुविधा मिल जाती, तो न केवल बीमार या घायल व्यक्तियों को राहत मिलती, बल्कि दैनिक जीवन की अन्य गतिविधियां भी सुगम हो जातीं।

समाज की एकजुटता

इस कठिन परिस्थिति में, गांव के निवासी एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। घायलों को लाने और ले जाने के लिए वे सामूहिक प्रयास कर रहे हैं, जो दिखाता है कि समाज में एकजुटता की भावना कितनी मजबूत है। बावजूद इसके, यह एक ऐसा मामला है जिससे प्रशासन को गंभीरता से देखना चाहिए।

निष्कर्ष

संक्षेप में, बकोड़ा गांव में सड़क निर्माण की कमी गंभीरता से चिंताजनक है। जिस तरह से ग्रामीणों ने एक घायल किसान को मदद की, वो एक मानवता का उदाहरण है। राज्य सरकार को इस दिशा में सख्ती से कार्य करना चाहिए और तुरंत इस समस्या का समाधान करना चाहिए।

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यह लेख टीम PWC न्यूज़ की ओर से है, जिसे शिल्पा माहेश्वरी ने लिखा है।

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