चांदी में तेजी की तूफानी वापसी: क्या बनेगा नया रिकॉर्ड?

हाल ही में रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसलने के बाद चांदी की कीमत में फिर से मजबूती देखने को मिली है। 18 फरवरी (बुधवार) को Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर चांदी 8,316 रुपये यानी 3.63% की छलांग लगाकर 2,37,099 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इस तेजी के बाद बाजार में एक बड़ा सवाल […] The post गिरावट के बाद चांदी में तूफानी वापसी! क्या अब बनेगा नया रिकॉर्ड? appeared first on Khabar Sansar News.

Feb 19, 2026 - 09:53
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चांदी में तेजी की तूफानी वापसी: क्या बनेगा नया रिकॉर्ड?

चांदी में तेजी की तूफानी वापसी: क्या बनेगा नया रिकॉर्ड?

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कम शब्दों में कहें तो हाल ही में चांदी की कीमत में फिर से मजबूती आई है और यह पिछले रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसलने के बाद अपने स्तर पर तेजी दिखा रही है। 18 फरवरी, बुधवार को Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर चांदी की कीमत 8,316 रुपये यानी 3.63% की उछाल के साथ 2,37,099 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इस तेजी ने बाजार में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या यह तेजी स्थायी होगी या मात्र अस्थायी रिकवरी है?

चांदी में तेजी का कारण

चांदी में यह अचानक उछाल तब आया है जब सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली धातुओं की मांग में पहले थोड़ी कमी आई थी। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच जेनेवा में चर्चा के दौरान परमाणु मुद्दों पर सकारात्मक संकेतों ने बाजार में एक नई आशा पैदा की। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितता पूरी तरह नहीं गई है, जिससे कई निवेशक अभी भी कीमती धातुओं को सुरक्षित विकल्प मानते हैं।

सोने में भी दिखी मजबूती

चांदी के साथ-साथ सोने में भी मजबूती देखने को मिली है। MCX पर सोने की कीमत 1,848 रुपये यानी करीब 1.22% बढ़कर 1,53,266 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। भारत और चीन जैसे बड़े बाजारों में गोल्ड ETF की मांग और जनवरी में भारत के सोने के आयात में वृद्धि ने बाजार को भी समर्थन दिया है।

क्या यह तेजी स्थायी है?

विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में अभी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। कीमतों की दिशा कई वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगी, जैसे:

  • डॉलर की गतिविधियों
  • ब्याज दरों में बदलाव
  • वैश्विक आर्थिक संकेत
  • भू-राजनीतिक स्थिति

यदि वैश्विक तनाव कम होता है, तो सट्टात्मक मांग घट सकती है, जिससे कीमतों पर दबाव बन सकता है।

फिजिकल डिमांड का समर्थन

विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी और सोने की कीमतों को मजबूत आधार Millennials:

  • आभूषणों की मांग
  • औद्योगिक उपयोग (विशेष रूप से चांदी में)
  • निवेश के लिए बार और कॉइन की खरीद

भारतीय त्योहारों और शादी के सीजन के दौरान भौतिक खरीद बढ़ जाती है, जिससे कीमतों में गिरावट पर नियंत्रण होता है।

विभिन्न निवेश रणनीतियाँ

विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशकों को:

✔ शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए
✔ गिरावट में चरणबद्ध निवेश करना चाहिए
✔ लंबी अवधि की रणनीति अपनानी चाहिए
✔ अपने पोर्टफोलियो को संतुलित रखना चाहिए

सारांश में, चांदी में तेजी ने निश्चित रूप से वापसी की है, लेकिन निवेशकों को सावधानी से और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना आवश्यक है।

इस खबर से जुड़े 10 महत्वपूर्ण टॉपिक

  1. MCX पर चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव
  2. सोना-चांदी में निवेश की रणनीति
  3. गोल्ड ETF की बढ़ती मांग
  4. वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कमोडिटी बाजार
  5. भारत में सोने के आयात के आंकड़े
  6. डॉलर इंडेक्स और कीमती धातुएं
  7. ब्याज दरों का सोना-चांदी पर असर
  8. चांदी का औद्योगिक उपयोग
  9. शादी और त्योहारों का बुलियन बाजार पर प्रभाव
  10. लॉन्ग टर्म बनाम शॉर्ट टर्म निवेश रणनीति

विशेषज्ञ बातचीत को ध्यान में रखते हुए निवेश के निर्णय लेने की सलाह दे रहे हैं।

इस संबंध में और अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारे वेबसाइट https://pwcnews.com पर जाएँ।

सादर,
टीम PWC News - अंजलि शर्मा

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