डॉ. कमल चंद्र दानी को यूपीईएस से मिली पीएचडी की उपाधि, वेलबोर स्थिरता पर किया शोध

खबर संसार हल्द्वानी “जिला नैनीताल” के डॉ. कमल चंद्र दानी को यूपीईएस से पीएचडी की उपाधि, वेलबोर स्थिरता पर किया शोध.जी हा हल्द्वानी निवासी डॉ. कमल चंद्र दानी को देहरादून स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज़ (UPES) के 23वें दीक्षांत समारोह में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। उनका शोध “Highly Deviated और Horizontal […] The post डॉ. कमल चंद्र दानी को यूपीईएस से पीएचडी की उपाधि appeared first on Khabar Sansar News.

Nov 11, 2025 - 00:53
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डॉ. कमल चंद्र दानी को यूपीईएस से मिली पीएचडी की उपाधि, वेलबोर स्थिरता पर किया शोध

डॉ. कमल चंद्र दानी को यूपीईएस से मिली पीएचडी की उपाधि

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कम शब्दों में कहें तो, हल्द्वानी के डॉ. कमल चंद्र दानी ने देहरादून स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज़ (UPES) से वेलबोर स्थिरता पर अपने शोध के लिए पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।

जिला नैनीताल के निवासी डॉ. कमल चंद्र दानी ने यूपीईएस के 23वें दीक्षांत समारोह में अपनी पीएचडी की उपाधि हासिल की है। उनके शोध का विषय “Highly Deviated और Horizontal Wells में Stability” है, जो असामान्य भंडारों (Unconventional Reservoirs) में क्षैतिज दिशा की ड्रिलिंग तकनीक की दक्षता बढ़ाने पर केंद्रित है।

उपाधि का वितरण और शोध का महत्व

डॉ. दानी को यह सम्मान श्री गोपाल जोशी (कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख, केडीएमआईपीई, ओएनजीसी) और श्री आनंद रामामूर्ति (प्रबंध निदेशक, माइक्रोन इंडिया) द्वारा प्रदान किया गया। उनकी शोध यात्रा को मार्गदर्शक के रूप में डॉ. डी.के. गुप्ता और डॉ. पुष्पा शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके शोध का निष्कर्ष वेलबोर स्थिरता में सुधार, क्षैतिज दिशा में ड्रिलिंग तकनीक में उन्नति और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने में सहायक साबित होगा।

डॉ. कमल चंद्र दानी का अनुभव

डॉ. कमल दानी ने यूपीईएस से पेट्रोलियम इंजीनियर्स और अपस्ट्रीम एसेट मैनेजमेंट में डिग्रियाँ प्राप्त की हैं। उन्होंने भारत, रूस, कोलंबिया, चीन और खाड़ी देशों में तेल क्षेत्र का व्यापक अनुभव हासिल किया है। अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वे इस क्षेत्र में नई तकनीकों और अनुसंधान के द्वारा भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में काम करते रहेंगे।

आभार और दृष्टिकोण

डॉ. दानी ने अपने माता-पिता, मार्गदर्शकों, परिवार और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि उनका शोध कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों और कोल बेड मीथेन (CBM) जैसे असामान्य संसाधनों पर अधिक कुशल ड्रिलिंग के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने भारत में सतत ऊर्जा विकास में अपनी भूमिका जारी रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

यह उपलब्धि न केवल डॉ. दानी के लिए एक व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह भारतीय शोध और इंजीनियरिंग समुदाय के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो ऊर्जा सुरक्षा के आधुनिक मुद्दों को संबोधित करता है।

इसके अलावा, इस अवसर पर उपस्थित अन्य आमंत्रित अतिथियों ने भी डॉ. दानी को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी और उनके शोध को देश के ऊर्जा क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण बताया।

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टीम PWC न्यूज, सुभाषिनी जोशी

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