बड़े भाई को झूठे मुकदमें में फंसाने का नहीं चला जाल, हाई कोर्ट ने किया मामला निरस्त

खबर संसार हल्द्वानी.सम्पति के लिए बड़े भाई को फसाया झूठे मुक़दमे मैं, हाई कोर्ट ने मुकदमा किया निरस्त. जी हा नीरज किरौला पुत्र गंगा सिंह किरौला ने वर्ष 2022 मैं यह कहते हुए FIR दर्ज करवाई की वह एक बेरोजगार युवक है और उसके भाई विकास किरौला द्वारा ग्राम सुर्यागाओं मैं जमीन के नाम पर […] The post सम्पति के लिए बड़े भाई को फसाया झूठे मुक़दमे मैं, हाई कोर्ट ने मुकदमा किया निरस्त appeared first on Khabar Sansar News.

Mar 30, 2026 - 09:53
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बड़े भाई को झूठे मुकदमें में फंसाने का नहीं चला जाल, हाई कोर्ट ने किया मामला निरस्त

बड़े भाई को झूठे मुकदमें में फंसाने का नहीं चला जाल, हाई कोर्ट ने किया मामला निरस्त

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कम शब्दों में कहें तो, हल्द्वानी के नीरज किरौला ने अपने बड़े भाई विकास किरौला के खिलाफ पुलिस में झूठी एफआईआर दर्ज करवाई थी, जिसे उच्च न्यायालय ने निरस्त कर दिया है। यह मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा था, जहाँ नीरज ने अपने भाई पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था।

खबर के अनुसार, नीरज किरौला, पुत्र गंगा सिंह किरौला, ने वर्ष 2022 में FIR दर्ज करवाई जिसमें उसने खुद को बेरोजगार बताकर कहा कि उसके भाई विकास ने ग्राम सुर्यागाओं में जमीन के नाम पर धोखाधड़ी की है। इसके बाद पुलिस ने विकास किरौला के खिलाफ IPC की धाराएं 120-B, 420 और 506 के तहत आरोप दर्ज किए।

कैसे हुआ सब कुछ

असल में, यह भूमि नीरज ने भीमसिंह सूर्य और गंगा सूर्या आदि से खरीदी थी, और विकास इस भूमि के सौदे में नीरज के पक्ष से मात्र गवाह ही था। परंतु विकास ने इस मामले में उच्च न्यायालय में अपील की। उन्होंने बताया कि नीरज ने एक बेरोजगार युवक की तरह अपने ऊपर ढेर सारे आरोप लगाए हैं।

नकली आरोपों की सच्चाई

विकास का कहना है कि नीरज, जो अपने को बेरोजगार बताता है, कई महंगी गाड़ियों का मालिक है। उन्होंने 2021-22 में दाननामे और पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए पुश्तैनी भूमि बेची है, जिसकी बाजार मूल्य 5 करोड़ से अधिक है। उनका आरोप है कि नीरज केवल अपनी संपत्ति का हिस्सा मांगने पर उन्हें धमकी दे रहा था।

नोटिस और कानूनी कार्रवाई

न्यायालय ने पाया कि नीरज द्वारा भूमि विक्रेता को भेजे गए नोटिस में विकास का नाम नहीं था। इसके अलावा, नीरज ने FIR दर्ज कराने से पहले भूमि की नाप-जोख करने संबंधी कोई कार्रवाई नहीं की थी।

भाईचारे की टूटन

विकास ने बताया कि वह नीरज और अपने माता-पिता से 2012 से अलग रह रहे हैं। पिछले कुछ समय में नीरज ने उन्हें अश्लील वीडियो भेजकर परेशान किया था, जिसके बाद विकास ने उनकी जमानत दी थी। लेकिन बाद में नीरज ने धमकी देना शुरू कर दिया कि अगर विकास ने संपत्ति में हिस्सेदारी मांगी तो वह उन्हें बर्बाद कर देगा।

हाई कोर्ट का फैसला

न्यायालय ने सभी तथ्यों की जांच-पड़ताल के बाद विकास के पक्ष में फैसला सुनाया। विकास ने कोर्ट के निर्णय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सच्चाई की जीत है।

फिलहाल, यह मामला संपत्ति विवाद के बैकग्राउंड में भुला नहीं जाएगा, लेकिन इसे एक महत्वपूर्ण सबक माना जा सकता है कि कोई भी व्यक्ति अपने स्वार्थ या प्रतिस्पर्धा में अपनों पर झूठे आरोप न लगाएं।

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सादर,
Team PWC News
Priya Sharma

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