बिंदुखत्ता: आरटीए आवेदन में CSC सेंटरों द्वारा गरीब बच्चों से मनमानी फीस वसूली

ग्रामीणों में रोष, CSC सेंटरों पर अंकुश लगाने की मांग लालकुआं (जीवन गोस्वामी)। प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए…

Mar 26, 2026 - 00:53
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बिंदुखत्ता: आरटीए आवेदन में CSC सेंटरों द्वारा गरीब बच्चों से मनमानी फीस वसूली

बिंदुखत्ता: आरटीए आवेदन में CSC सेंटरों द्वारा गरीब बच्चों से मनमानी फीस वसूली

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कम शब्दों में कहें तो, बिंदुखत्ता में ग्रामीणों का CS सेंटरों पर गुस्सा बढ़ता जा रहा है। आरटीए (राइट टू एजुकेशन) के तहत प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए आवेदन की प्रक्रिया के दौरान अभिभावकों से मनमानी फीस वसूली जा रही है।

ग्रामीणों में आक्रोश और फीस वृद्धि पर बवाल

लालकुआं के बिंदुखत्ता क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच इस विषय पर काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। यहां के कुछ CSC सेंटरों में गरीब अभिभावकों से फॉर्म भरवाने के नाम पर ₹250 से ₹300 तक वसूली की जा रही है। यह शुल्क गरीब परिवारों के लिए एक भारी बोझ साबित हो रहा है, जो पहले से ही आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।

आरटीए आवेदन की प्रक्रिया

आरटीए के तहत, निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को शिक्षा की सुविधा देने के लिए सरकार ने इस आवेदन की प्रक्रिया शुरू की थी। इसका मकसद है कि हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार मिले, लेकिन इस प्रक्रिया के दरमियान भी कुछ लोग इसे अपने लाभ के लिए गलत तरीकों से उपयोग कर रहे हैं। इस तरह के कार्यों ने सरकार की मंशा पर प्रश्न चिह्न खड़ा कर दिया है।

ग्रामीणों की शिकायतें और सरकारी कार्रवाई

ग्रामीणों ने इस बेवजह की फीस वसूली के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने CSC सेंटरों पर अंकुश लगाने की मांग की है ताकि बिना किसी रुकावट के आवेदन की प्रक्रिया चल सके। कई अभिभावक ऐसे भी हैं जो अपने बच्चों के भविष्य के लिए इन फीसों का बोझ उठाने को मजबूर हैं। इस स्थिति में सुधार लाने के लिए स्थानीय प्रशासन को जल्द से जल्द कुछ ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

क्या सरकार ध्यान देगी?

ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है और अगर जल्दी ही कुछ ठोस कदम नहीं उठाए गए तो शिक्षा का अधिकार सिर्फ दिखावा बनकर रह जाएगा। CSC सेंटरों में उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।

जानकारों का मानना है कि शिक्षा का अधिकार एक मूलभूत अधिकार है और इसे लागू करते समय किसी भी प्रकार की फीस वसूली नहीं होनी चाहिए। सरकार को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि गरीब परिवारों को कोई और आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।

निष्कर्ष के रूप में कहा जा सकता है कि बिंदुखत्ता में सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले। हाल के हफ्तों में हुई इस फर्जी फीस वसूली से समाज में नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, और यह जरूरी है कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जाए।

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Team PWC News
साक्षी देशमुख

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