बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का गणेश गोदियाल पर सशक्त पलटवार, आरोपों को बताया ध्यान भटकाने की कुत्सित कोशिश

श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत दिवेदी ने उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के...

Jul 21, 2026 - 18:53
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बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का गणेश गोदियाल पर सशक्त पलटवार, आरोपों को बताया ध्यान भटकाने की कुत्सित कोशिश

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का गणेश गोदियाल पर सशक्त पलटवार

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कम शब्दों में कहें तो बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें निशाना बनाया है।

श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने हाल ही में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की तरफ से लगाय गए आरोपों को कांग्रेस के शर्मनाक कार्यो से ध्यान हटाने की कोशिश करार दिया। उनका कहना है कि गोदियाल और उनके समर्थकों ने एक दुखद घटना के दौरान बेशर्मी से अपने नेता का स्वागत किया, जो उनकी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग मंदिर के संसाधनों का दुरुपयोग करके अपने चहेतों को लाभ पहुंचाते हैं, उन्हें मंदिर की पवित्रता का पाठ पढ़ाना बेतुकी बात है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के निर्देश पर वर्तमान में चल रही जांच में कोई भी दोषी नहीं बख्शा जाएगा। गोदियाल पर आरोप लगाया गया कि वह बिना सबूतों के झूठे आरोप लगाकर जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

मंदिर की पवित्रता को बनाए रखने की आवश्यकता

द्विवेदी ने प्रेस वार्ता में कहा कि श्री बद्रीनाथ और श्री केदारनाथ जैसे तीर्थ स्थल करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं, और इनका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। इस संदर्भ में उच्च स्तरीय जांच चल रही है, जिससे सत्यता सामने आएगी।

उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि सच सबके सामने आए। इस संदर्भ में विभिन्न प्रकार की जांच चल रही हैं, जिसमें एसआईटी, विभागीय जांच और उच्च स्तरीय जाच शामिल है।" द्विवेदी ने यह भी सवाल उठाए कि गोदियाल को कैसे पूर्व की गिरफ्तारियों से जानकारी मिली, जब यह जानकारी सार्वजनिक नहीं थी।

भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं

उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई भी मंदिर में चंदा चोरी में शामिल पाया गया, तो उसे कठोर दंड मिलेगा। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों का पालन किया जाएगा, और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

द्विवेदी ने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या दल के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए है। "हम बद्री-केदार की पवित्रता और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं," उन्होंने कहा।

उन्होंने दोगुनी आक्रामकता के साथ गोदियाल से यह भी पूछा कि जब वह बद्रीनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष थे, क्या उन्होंने अपने काम का निर्देश राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से लिया था? यह प्रतिक्रिया कांग्रेस के वर्तमान नेतृत्व पर उनके अनुभव के प्रकाश में एक सवाल उठाने का प्रयास था।

समिति के संसाधनों के दुरुपयोग के आरोप

द्विवेदी ने आरोप लगाया कि गोदियाल ने अपने कार्यकाल के दौरान मंदिर समिति के संसाधनों का दुरुपयोग किया था। उन्होंने कहा, “जो लोग आज चंदा चोरी के आरोप लगा रहे हैं, उन्होंने स्वयं मंदिर समिति के धन का दुरुपयोग किया है।”

द्विवेदी ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने 14 महीने के कार्यकाल के दौरान एक भी स्टाफ को अपने साथ नहीं रखा। उन्होंने यह भी कहा कि भीड़ के पीछे जो संवेदनहीनता नजर आई, वह कांग्रस पार्टी के लिए शर्मनाक है।

अंत में, उन्होंने कहा कि जब जांच पूरी होगी, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस विषय में उचित संज्ञान लें।

फिलहाल, यह मामला राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ लेकर आया है और देखने वाली बात होगी कि आरोपों की परतें किस तरह खुलती हैं।

फिर से ध्यान दें, ये सभी आरोप एक गहरी जांच का विषय हैं, और जनता को सत्य का पता लगाने का पूरा अधिकार है।

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Team PWC News - Priya Sharma

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