रुद्रप्रयाग में मां चंडिका यात्रा में सीएम धामी का महत्वपूर्ण सहभाग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखंड अगस्त्यमुनि के ग्राम बीरों देवल में आयोजित...
रुद्रप्रयाग में मां चंडिका यात्रा में सीएम धामी का महत्वपूर्ण सहभाग
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग के बीरों देवल में आयोजित मां चंडिका यात्रा में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने महायज्ञ में पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखंड अगस्त्यमुनि के ग्राम बीरों देवल में आयोजित मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने मां चंडिका मंदिर जाकर महायज्ञ में शिरकत की और वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
मंदिर प्रांगण का पुनर्निर्माण एवं नवीन तहसील भवन
मुख्यमंत्री ने इस दौरान घोषणा की कि मां चंडिका मंदिर प्रांगण एवं मंदिर समूह का पुनर्निर्माण पुरातत्व विभाग के माध्यम से कराया जाएगा, साथ ही तहसील बसुकेदार में नवीन तहसील भवन का निर्माण किया जाएगा।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व
मुख्यमंत्री धामी ने आयोजन स्थल को धार्मिक एवं आध्यात्मिक संगम का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 20 वर्षों के बाद आयोजित यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक है। "किसी भी देवस्थान पर जाना संयोग नहीं, बल्कि ईश्वरीय आह्वान है," उन्होंने कहा।
जन-सहभागिता का महत्व
उन्होंने आयोजन में जनसहभागिता को अनुपम उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान के रूप में उभरे हैं। यह आयोजन समाज में समरसता और एकता को सुदृढ़ करते हैं, साथ ही नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़कर सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण करते हैं।
वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति की पहचान
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकसित हो रहे नए आयामों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान समय सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से स्वर्णिम काल है। उन्होंने भारत को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में कार्यों का समर्थन किया और भारतीय संस्कृति को वैश्विक सम्मान मिलने पर गर्व जताया।
आपदा के बाद केदारनाथ में पुनर्निर्माण
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ मंदिर में हुए व्यापक पुनर्निर्माण कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज 'दिव्य एवं भव्य केदार' का स्वरूप सभी के सामने है।
राज्य की समृद्धि के लिए निरंतर प्रयास
इसी कड़ी में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को एक समृद्ध राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। देवभूमि की मूल संरचना से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा-निरोधक प्रावधानों सहित विभिन्न कानूनी उपाय लागू किए गए हैं।
विभिन्न विकास योजनाओं का प्रचार
इस मौके पर विभिन्न विभागों ने विकास योजनाओं सम्बंधित स्टॉल स्थापित किए, जिससे आम जन को राज्य एवं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक श्रीमती आशा नौटियाल एवं विधायक रुद्रप्रयाग श्री भरत सिंह चौधरी ने विभिन्न विकास मांगें उठाईं।
मां चंडिका की दिवारा यात्रा
यह महावन्याथ यात्रा 21 नवंबर 2025 से प्रारंभ होकर लगभग 26 गांवों में भ्रमण करेगी। यह यात्रा 20 वर्ष के अंतराल के बाद आयोजन की जा रही है, जिसमें बीरों देवल में 15 फरवरी से 9 दिवसीय महायज्ञ होगा। 22 फरवरी 2026 को विशाल जलयात्रा एवं 24 फरवरी 2026 को पूर्णाहुति के साथ यह यात्रा सम्पन्न होगी।
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टिप्पणी: यह आयोजन न केवल धार्मिक है, बल्कि यह समाज को जोड़ने एवं सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का भी एक प्रयास है।
टिम PWC News
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