काठगोदाम में 10 लाख की चरस के साथ दो तस्करों की गिरफ्तारी, एसटीएफ का बड़ा एक्शन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम...
काठगोदाम में 10 लाख की चरस के साथ दो तस्करों की गिरफ्तारी, एसटीएफ का बड़ा एक्शन
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कम शब्दों में कहें तो, काठगोदाम में राज्य एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (STF) ने दो तस्करों को 10 लाख रुपये की चरस के साथ गिरफ्तार किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के अंतर्गत, उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने निर्देश दिए हैं कि देश के हरियाणीयों को नशे के असर से बचाने के लिए कड़ा कदम उठाया जाए। इसीलिए राज्य एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (A.N.T.F.) को नशे के कारोबार की बुराई के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। आईपीएस अधिकारियों ने राज्य के तमाम जनपदों में नशे के खिलाफ एक सघन जांच की योजना बनाई थी।
काठगोदाम में तस्करों की गिरफ्तारी
इसी संदर्भ में, उत्तराखंड STF की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स कुमाऊं टीम ने तकनीकी और मैनुअल इनपुट के आधार पर कार्रवाई की। काठगोदाम थाना क्षेत्र में कि गई इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कुल 5 किलो 2 ग्राम चरस के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस चरस की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 10 लाख रुपये थी।
तस्करों की पहचान
गिरफ्तार किए गए तस्करों में शामिल हैं:
- प्रवीण आर्य, पुत्र कुशल राम, निवासी दमुआढुंगा, थाना काठगोदाम, नैनीताल
- बलवंत सिंह, पुत्र गोपाल सिंह, पंचायत घर हल्द्वानी, नैनीताल, मूल निवासी बागेश्वर
तस्करों का खुलासा
जांच के दौरान हैरान करने वाली बात सामने आई है। पूछताछ में तस्करों ने कहा कि वे चरस को बागेश्वर क्षेत्र से खरीदकर लाते थे और फिर उसे नैनीताल और उधमसिंहनगर के क्षेत्रों में ऊँचे दामों पर बेचते थे। STF तस्करों के आगे और पीछे की कड़ी को ढूंढने में जुटी है, ताकि इस नेटवर्क को खत्म किया जा सके।
टीम की सक्रियता
गिरफ्तारी में सक्रियता दिखाने वाली STF टीम के सदस्यों में शामिल हैं:
- निरीक्षक पावन स्वरुप
- SI विनोद चंद्र जोशी
- आरक्षी वीरेंद्र चौहान
- आरक्षी इसरार अहमद
इसके अलावा, काठगोदाम थाना पुलिस की टीम में शामिल थे:
- SO विमल मिश्रा
- SI दिलीप सिंह
- आरक्षी प्रमोद कुमार
- आरक्षी कारज सिंह
निष्कर्ष
राज्य की पुलिस और STF द्वारा इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि नशे के खिलाफ सरकार की मंशा गंभीर है। यह कदम न केवल युवाओं को नशे से बचाने के लिए है, बल्कि काठगोदाम जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा बनाए रखने के लिए भी बेहद आवश्यक है। आगे ऐसे कई अधिक ऑपरेशनों की उम्मीद की जा रही है ताकि नशे के कारोबार को जड़ से खत्म किया जा सके।
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सादर, टीम PWC न्यूज
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