कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग का अग्निवीर स्कीम के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन, चार चरण पूरे

सेना में लागू अग्निवीर भर्ती योजना के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग...

May 10, 2026 - 09:53
 55  4.8k
कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग का अग्निवीर स्कीम के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन, चार चरण पूरे

कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग का अग्निवीर स्कीम के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन, चार चरण पूरे

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News

कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड में कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने अग्निवीर भर्ती योजना के खिलाफ अपना राज्यव्यापी आंदोलन आगे बढ़ाया है, जिसके चार चरण पूर्ण हो चुके हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व कर्नल राम रतन नेगी कर रहे हैं और इसके पांचवे चरण का आयोजन जून में रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपद में किया जाएगा। इस पृष्ठभूमि में, पूर्व सैनिक विभाग के पक्ष में कई प्रमुख नेता शामिल हुए हैं, जिन्होंने केंद्र सरकार की इस नीति को अव्यवहारिक बताया है।

इस आंदोलन के विभिन्न चरणों का विवरण निम्नलिखित है:

प्रथम चरण (गढ़वाल मंडल)

इस चरण में कोटद्वार, लैंसडाउन, सतपुली, पौड़ी और श्रीनगर क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष करन महारा, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माणा और गणेश गोदियाल जैसे कांग्रेस के प्रमुख नेता उपस्थित रहे।

द्वितीय चरण (कुमाऊँ मंडल)

पीरूमदारा, रामनगर, रानीखेत, अल्मोड़ा और हल्द्वानी में आयोजित किए गए इस चरण में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व विधायक रंजीत रावत और अन्य नेताओं ने भाग लिया। इस चरण की तस्वीरें यहां देखी जा सकती हैं:

तृतीय चरण (गढ़वाल क्षेत्र)

सहसपुर, विकासनगर, चकराता, बड़कोट, उत्तरकाशी, टिहरी, नरेंद्र नगर और मसूरी क्षेत्रों में इस चरण के दौरान विभिन्न वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। इनमें आर्येंद्र शर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, और विधायक विक्रम सिंह नेगी शामिल हैं।

चतुर्थ चरण (कुमाऊँ क्षेत्र)

खटीमा, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं नैनीताल में आयोजित इस चरण में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण और पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल शामिल रहे।

प्रमुख आरोप एवं मांगें

कांग्रेस ने इस आंदोलन के दौरान अग्निपथ/अग्निवीर योजना को भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा के खिलाफ बताते हुए इसे अव्यवहारिक करार दिया। नेताओं ने कहा कि इस योजना के तहत:

  • सैनिकों को कम प्रशिक्षण और सीमित अनुभव प्राप्त होता है।
  • सेवा अवधि अस्थायी होने से सैनिकों का मनोबल प्रभावित होता है।
  • वेतन और सुविधाएं अपर्याप्त हैं, जिससे पेशेवर सेना की निर्माण प्रक्रिया पर असर पड़ता है।

कर्नल राम रतन नेगी ने कहा कि दीर्घकालिक प्रशिक्षण और स्थायी सेवा एक मजबूत सेना के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 2022 से अब तक लगभग 40 अग्निवीर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु का शिकार हुए हैं, जो केंद्र सरकार की नीतियों से जुड़ा हुआ है।

संगठन का संकल्प

कांग्रेस नेताओं ने संकल्प लिया है कि वे इस योजना की समाप्ति की प्रतिबद्धता को जनता तक पहुंचाते रहेंगे और अग्निवीर योजना के विरोध में आंदोलन जारी रहेगा।

प्रमुख उपस्थित नेता

  • कर्नल राम रतन नेगी (प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व सैनिक विभाग)
  • लालचंद शर्मा (पूर्व महानगर अध्यक्ष)
  • लेफ्टिनेंट गोपाल गड़िया (उपाध्यक्ष)
  • हवलदार बलबीर सिंह पंवार (उपाध्यक्ष)
  • कैप्टन कुशल सिंह राणा (उपाध्यक्ष)
  • लेफ्टिनेंट साहदेव सिंह (प्रदेश महासचिव)
  • हवलदार रणवीर लाल (जिलाध्यक्ष, पूर्व सैनिक विभाग, पौड़ी)
  • डॉ. आर.पी. ध्यानी (उपाध्यक्ष, उत्तराखंड कांग्रेस विचार विभाग)

इस प्रकार, अग्निवीर भर्ती योजना के विरोध में कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग का राज्यव्यापी आंदोलन एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। इस मामले में नवीनतम अपडेट्स के लिए नियमित रूप से हमें देखते रहें। अधिक अपडेट्स के लिए यहाँ क्लिक करें.

संपादक: पूजा शर्मा, टीम PWC News

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow