पिंडारी ट्रेक से लापता सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक चौहान, 12 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं, परिवार में बढ़ी चिंता
बागेश्वर। विश्व प्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक से लापता हुए युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक चौहान का अब तक कोई पता नहीं
पिंडारी ट्रेक पर लापता हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर की तलाश में परिवार की बेबसी
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कम शब्दों में कहें तो, बागेश्वर जिले का पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक एक बार फिर चर्चा में है। यहां से लापता हुए युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक चौहान का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। उनके परिवार का हर दिन चिंता और पीड़ा में गुजर रहा है।
लापता अभिषेक चौहान के परिवार की चिंता
बागेश्वर, एक छोटी लेकिन बेहद खूबसूरत जगह है, जो अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जानी जाती है। यहां विश्व प्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक से 29 मई से लापता हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक चौहान का कोई पता नहीं है। अभिषेक के पिता और चाचा लगातार कपकोट और खाती क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए हैं। 12 दिनों से चल रही इस खोज में परिवार की उम्मीदें भले ही कम होती जा रही हों, लेकिन उनका साहस अभी भी बरकरार है।
छोटे-छोटे तत्वों पर ध्यान देते हुए चल रही खोज
अभिषेक चौहान, जो अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है, उनकी खोज के लिए स्थानीय प्रशासन ने भी सहायता की है। बचाव दल ने शनिवार को पुनः सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें पैदल चलने वाले ट्रैकर्स भी शामिल हैं। वे उन संभावित क्षेत्रों में। जहां हो सकता है कि अभिषेक ने कोई मदद मांगी हो या फिर घायल हुए हों।
पिता ने जताई साजिश की आशंका
अभिषेक के पिता ने भी आशंका जताई है कि उनके बेटे के लापता होने के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि जब तक उनके बेटे का पता नहीं चलता, वे चुप नहीं बैठेंगे। गर्वित पिता ने अपनी चिंताओं को व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि प्रशासन को मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए।
सामाजिक मीडिया पर संवेदनाएं और संदेश
अभिषेक के लापता होने की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है। कई लोग उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं और उनकी सुरक्षित वापसी की कामना कर रहे हैं। उनके दोस्तों का कहना है कि अभिषेक हमेशा से साहसी और आत्मविश्वासी रहे हैं। ऐसी स्थिति में उनका लापता होना सभी के लिए आश्चर्यजनक है।
भविष्य की संभावनाएं
इस घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। स्थानीय लोगों के बीच शांति बनाए रखने की कोशिश हो रही है। अभिषेक के परिवार ने जो बलिदान दिया है, उससे पूरे समाज में एकजुटता की भावना बढ़ी है। हर कोई चाहता है कि अभिषेक सुरक्षित वापस लौटे। प्रशासन द्वारा चल रही खोज में स्थानीय निवासी भी मदद कर रहे हैं।
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इस कठिन समय में उम्मीद और साहस बनाए रखने की आवश्यकता है। अभिषेक की खोज अब सिर्फ उसके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए भी एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है।
सादर,
टीम PWC News - साक्षी शर्मा
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