महाशिवरात्रि: शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए जानें जरूरी नियम और विधि
महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का अत्यंत पावन पर्व माना जाता है। इस दिन भक्त भगवान शिव की आराधना करते हुए व्रत रखते हैं और रातभर भजन-कीर्तन में लीन रहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि का व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है। महाशिवरात्रि 2026 […] The post Mahashivratri : शिवलिंग पर जल चढ़ाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम appeared first on Khabar Sansar News.
महाशिवरात्रि: शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए जानें जरूरी नियम और विधि
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कम शब्दों में कहें तो, महाशिवरात्रि एक महत्वपूर्ण हिन्दू त्योहार है, जहां भक्त अपने संपूर्ण मन से भगवान शिव की पूजा और आराधना करते हैं। इस दिन जो भी नियम और विधि का पालन किया जाता है, उसका विशेष महत्व होता है।
महाशिवरात्रि का पवित्र पर्व
महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म का एक ऐसा पर्व है जिसे अत्यंत पावन माना जाता है। इस दिन भक्त विधिपूर्वक व्रत रखते हुए भगवान शिव की आराधना करते हैं और रातभर भजन-कीर्तन में लीन रहते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन व्रत रखने से भक्तों को सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
महाशिवरात्रि 2026 की तिथि और पूजा मुहूर्त
इस वर्ष महाशिवरात्रि का पवित्र पर्व 15 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। निशीथकाल पूजा का शुभ समय 15 फरवरी रात 11:52 बजे से लेकर 16 फरवरी 12:42 बजे तक रहेगा। यह समय भगवान शिव की विशेष पूजा के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।
शिवलिंग पर जल चढ़ाने के सही नियम
आध्यात्मिक शास्त्रों के अनुसार, शिवलिंग पर जल अर्पण करने के लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक है।
- जल अर्पित करते समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करके खड़े रहें।
- ध्यान दें कि जल उत्तर दिशा से शिवलिंग पर गिरे।
- जल चढ़ाने के तुरंत बाद परिक्रमा नहीं करें।
- इन नियमों का पालन करने से पूजा का सम्पूर्ण फल प्राप्त होता है।
पूजा में बर्तन और वस्त्र का विशेष ध्यान
महाशिवरात्रि पर पूजा के लिए सही बर्तन चुनना बेहद जरूरी है।
- कांसे के बर्तन का उपयोग अशुभ माना जाता है।
- दूध या जल चढ़ाने के लिए तांबा, चांदी या सोने के बर्तन का इस्तेमाल करें।
- पूजा के समय काले रंग के वस्त्र पहनने से दूर रहें।
- सफेद, पीला, गुलाबी, आसमानी या नारंगी रंग शुभ माने जाते हैं।
इन चीजों से बनाएं दूरी
- तुलसी, तिल, टूटे चावल और नारियल पानी को शिवजी को अर्पित न करें।
- यदि व्रत न रख पा रहे हों, तो मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन से दूरी बनाएं।
- व्रत के दौरान अनाज की जगह फलाहार को प्राथमिकता दें।
- मन में किसी भी नकारात्मक विचार का प्रवेश न होने दें।
बेलपत्र का महत्व
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को तीन पत्तों वाला पूरा बेलपत्र अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। ध्यान रखें कि खंडित या टूटा हुआ बेलपत्र कभी भी न चढ़ाएं।
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सभी भक्तों से निवेदन है कि महाशिवरात्रि पर उपरोक्त नियमों का पालन करें ताकि उनकी पूजा सफल हो सके।
सादर,
टीम PWC News
जया शर्मा
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