महिला आरक्षण: आधी आबादी से विश्वासघात, विपक्ष को घेर रहीं भावना मेहरा
चम्पावत में आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष भावना मेहरा ने की प्रेस वार्ता चम्पावत। संसद में महिला आरक्षण विधेयक गिरने
महिला आरक्षण: आधी आबादी से विश्वासघात, विपक्ष को घेर रहीं भावना मेहरा
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कम शब्दों में कहें तो, महिला आरक्षण विधेयक गिरने पर भावना मेहरा ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
चम्पावत में आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष एवं दर्जा राज्यमंत्री भावना मेहरा ने हाल ही में प्रेस वार्ता में विपक्ष की कड़ी आलोचना की। उनका यह बयान तब आया, जब संसद में महिला आरक्षण विधेयक गिर गया, जिससे देश की करोड़ों महिलाओं के अधिकारों पर प्रभाव पड़ा है। मेहरा ने कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि एक आंदोलन है जो देश की आधी आबादी को मजबूत करने की कोशिश कर रहा था।
क्या है महिला आरक्षण विधेयक?
महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य विभिन्न स्तरों पर महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना है। यह विधेयक महिला नेताओं को संसद और विधानसभाओं में अधिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया था। लेकिन इसके गिरने से यह संकेत मिलते हैं कि राजनीतिक व्यर्थता और स्वार्थ ने इसे कुचल दिया।
भावना मेहरा का तीखा वार
भावना मेहरा ने कहा, "विपक्ष की नकारात्मक और स्वार्थपूर्ण राजनीति ने महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को दरकिनार किया। यह केवल हमारे हक की बात नहीं है, बल्कि यह हमारी सामाजिक स्थिति और विकास का भी सवाल है। उन्होंने यह भी समझाया कि जनप्रतिनिधित्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से समाज में बदलाव आएगा।"
महिलाओं के अधिकारों की रक्षा में लापरवाही
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के निर्णय से न केवल आज की महिलाओं बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के अधिकारों का भी अपमान हुआ है। "आर्थिक और सामाजिक समानता की दिशा में यह एक बड़ा कदम होता, लेकिन अब यह एक गिरती हुई उम्मीद बन गई है," मेहरा ने चिंता व्यक्त की।
महिला सम्मेलन में आवाज उठाई
महिला सम्मेलन में भाग लेते हुए उन्होंने सभी महिलाओं से अपील की कि वे एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ें। "हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमें हमारे हक मिले। यह हम सभी का कर्तव्य है कि हम एक-दूसरे के समर्थन में खड़े रहें," उन्होंने कहा। मेहरा ने हर महिला से आगे आकर एक सकारात्मक बदलाव लाने की बात कही।
इस प्रकार, भावना मेहरा ने इस प्रेस वार्ता के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया कि महिला आरक्षण केवल एक संकल्पना नहीं है, बल्कि यह समाज के विकास की एक नींव है। इसके बिना, समाज विकास के अपने लक्ष्य को नहीं प्राप्त कर सकता।
अंत में, उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से यह अपील की कि वे इस मुद्दे को अपने राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर देखें और महिलाओं के अधिकारों के लिए कानून बनाएं। "न केवल देश की महिलाओं, बल्कि पूरे समाज को यह महसूस करना चाहिए कि आधी आबादी को सशक्त बनाना कितना महत्वपूर्ण है," मेहरा ने जोर देकर कहा।
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सादर,
टीम PWC News
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