ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत ने दूतावास से नई एडवाइजरी जारी की

पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने सभी भारतीयों को ईरान की यात्रा से बचने और वहां मौजूद लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से देश छोड़ने की सलाह दी है। यह चेतावनी ऐसे समय आई […] The post ईरान-इजराइल तनाव के बीच भारत अलर्ट, दूतावास नई एडवाइजरी जारी की appeared first on Khabar Sansar News.

Jun 9, 2026 - 09:53
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ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत ने दूतावास से नई एडवाइजरी जारी की

ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत ने दूतावास से नई एडवाइजरी जारी की

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कम शब्दों में कहें तो, पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात के मद्देनजर, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने सभी भारतीयों से ईरान की यात्रा से बचने और वहां मौजूद लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से देश छोड़ने की सलाह दी है। यह चेतावनी ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई है।

भारतीय नागरिकों को सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सलाह

दूतावास ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि क्षेत्र में तेजी से बदलते घटनाक्रम और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए भारतीय नागरिकों को अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। यह सलाह छात्रों, व्यापारियों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों समेत सभी भारतीय नागरिकों पर लागू होती है।

इस संकट के दौरान भारत की ओर से यह आठवीं आधिकारिक चेतावनी है, जिसमें अनुमान है कि करीब 7,500 भारतीय नागरिक अभी भी ईरान में मौजूद हैं। इससे पहले भारत ने आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते हजारों भारतीयों को सुरक्षित निकालने में सहायता की थी।

भारत ने हिंसा पर जताई चिंता

भारतीय विदेश मंत्रालय ने हालिया हमलों पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि क्षेत्र में जारी संघर्ष अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय है। मंत्रालय के अनुसार, लंबे समय से चल रहे इस टकराव के कारण मानवीय संकट बढ़ा है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर डाल रहा है।

भारत ने सभी पक्षों से तनाव कम करने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की अपील की है ताकि क्षेत्र में स्थिरता और शांति कायम की जा सके।

मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई से बढ़ा तनाव

हालात तब और गंभीर हो गए जब ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने इजराइल के कई सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले का दावा किया। ईरान ने इसे इजराइल की कार्रवाइयों के जवाब में बताने का प्रयास किया।

इसके बाद, इजराइल ने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों और औद्योगिक परिसरों पर हवाई हमले किए। तेहरान, कराज, तबरीज और इस्फहान जैसे शहरों में विस्फोटों की खबरें आईं। सुरक्षा कारणों से तेहरान के प्रमुख हवाई अड्डों का संचालन भी अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।

संघर्षविराम की विश्वसनीयता पर उठे सवाल

हालिया घटनाओं ने पहले अप्रैल में हुए संघर्षविराम की प्रभावशीलता पर संदेह पैदा कर दिया है। उस समय, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम की घोषणा के कुछ घंटे बाद भारत ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और ईरान छोड़ने की सलाह दी थी।

विश्लेषकों का मानना ​​है कि उस समय की चिंताएं अब सच साबित होती नजर आ रही हैं, क्योंकि क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां फिर से तेज हो गई हैं।

अमेरिका की चिंता, इजराइल और ईरान आमने-सामने

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के घटनाक्रमों को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि बढ़ते हमले शांति वार्ता की संभावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने और बातचीत के जरिए समाधान खोजने का आग्रह किया। जबकि इजराइल ने संकेत दिए हैं कि वह किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है। ईरान ने भी चेतावनी दी है कि यदि उसके हितों पर हमला जारी रहा तो प्रतिक्रिया और अधिक गंभीर हो सकती है।

हूती और हिजबुल्लाह की सक्रियता से बढ़ी क्षेत्रीय अस्थिरता

क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाने में हिजबुल्लाह और यमन के हूती विद्रोहियों की गतिविधियाँ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हूती समूह ने लाल सागर में इजराइल से जुड़े जहाजों पर हमला करने की धमकी दी है, जिससे समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।

तेल बाजार और वैश्विक व्यापार पर दिख रहा असर

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच चुकी हैं। चूंकि दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल व्यापार होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, किसी बड़े सैन्य संघर्ष का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। इसके अलावा, लाल सागर और स्वेज नहर जैसे समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और शिपिंग कंपनियों की चिंता भी बढ़ा दी है।

कई देश कर रहे हैं मध्यस्थता की कोशिश

तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये जैसे कई देश कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। विभिन्न देशों के द्वारा अमेरिका, इजराइल और ईरान से संयम बरतने एवं सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की जा रही है।

क्या बड़े युद्ध की ओर बढ़ रहा है पश्चिम एशिया?

मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय दूतावास की चेतावनी को केवल एहतियाती उपाय नहीं माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता है, तो इसका प्रभाव केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और लाखों प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। इसलिए, भारत सरकार ने लगातार अपने नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।


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लेख समाप्त। टीम PWC News, द्वारा संध्या शर्मा

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