उत्तराखंड पुलिस का नया कदम: वेरिफिकेशन ड्राइव कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शुरू

कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के अनुपालन में पुलिस ने...

Feb 16, 2026 - 09:53
 65  501.8k
उत्तराखंड पुलिस का नया कदम: वेरिफिकेशन ड्राइव कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शुरू

उत्तराखंड पुलिस का नया कदम: वेरिफिकेशन ड्राइव कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शुरू

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - PWC News

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड पुलिस ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के अंतर्गत प्रदेश में एक बार फिर से वेरिफिकेशन ड्राइव शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करना और कानून व्यवस्था बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों का अनुपालन करते हुए, पुलिस ने प्रदेश के सभी जनपदों में सर्किल, थाना एवं चौकी स्तर पर ये सत्यापन अभियान चलाने का निर्णय लिया है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने चेतावनी दी है कि बगैर पुलिस सत्यापन कराए किरायेदारी कराने वाले व्यक्तियों और संदिग्ध लोगों को आश्रय देने वालों के खिलाफ कठोर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट्स से लेकर होम स्टे तक

इस सत्यापन अभियान के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के आवासों का निरीक्षण किया जाएगा, जिसमें मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट्स, आश्रम, धर्मशालाएं, किराये के मकान, फ्लैट, पीजी, होम-स्टे, होटल और गेस्ट हाउस शामिल हैं।

प्रॉपर्टी डीलर्स, रियल एस्टेट एजेंट्स और ब्रोकरों का सत्यापन भी किया जाएगा। उनका मकान किराए पर देने से जुड़े अनुबंधों की सही जांच की जाएगी। इसके अलावा, ऑनलाइन होम डिलीवरी सेवाओं से जुड़े डिलीवरी एजेंटों, कैब संचालकों, और सिक्योरिटी एजेंसी स्टाफ का विशेष सत्यापन होगा।

आधुनिक तकनीकी साधनों का प्रयोग

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक और केंद्रीय डाटाबेस का प्रयोग किया जाएगा। इनमें National Intelligence Grid (NATGRID), CCTNS, और ICJS जैसे सुरक्षा पोर्टल्स का सहयोग लिया जाएगा।

अवैध निवासियों पर कठोर कार्रवाई

इस अभियान में अवैध रूप से निवास कर रहे प्रवासियों, जैसे कि अवैध घुसपैठियों और वीज़ा अवधि पूरी होने के बाद भी ठहरे हुए विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन पर संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा में सुधार

प्रदेश के सभी रिहायशी क्षेत्रों, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, और स्थानीय संस्थानों में सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके तहत CCTV कैमरों की गुणवत्ता, सुरक्षा कर्मियों का चरित्र सत्यापन, और सुरक्षा ब्रीफिंग का आयोजन किया जाएगा।

महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा

इस अभियान का एक विशेष ध्यान महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा पर होगा। उनके निजी सहायकों और केयर टेकरों का भी सत्यापन किया जाएगा।

अभियान के दौरान स्थानीय पुलिस, अभिसूचना इकाई, एसओजी, एवं एसटीएफ टीमों के माध्यम से समन्वय स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक थाना स्तर पर विशेष फील्ड टीमों का गठन किया गया है, जिससे कार्रवाई को प्रभावी बनाया जा सके।

पुलिस महानिदेशक ने कहा है कि उत्तराखण्ड पुलिस का यह व्यापक अभियान महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभियान की नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी, और आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारे पोर्टल PWC News पर जाएं।

सद्भावना के साथ,

टिम पीडब्ल्यूसी न्यूज़, साक्षी शर्मा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow